दिल्ली-राजस्थान में 10 महीने बाद आज से खुले स्कूल, यहां देखें गाइडलाइंस

4-5 घंटे से ज्यादा नहीं होगी क्लास, स्कूलों की ओर से पिक-ड्रॉप की सुविधा नहीं दी जाएगी, माता-पिता की सहमति से ही स्कूल आएँगे बच्चे

Updated: Jan 18, 2021, 10:25 AM IST

दिल्ली-राजस्थान में 10 महीने बाद आज से खुले स्कूल, यहां देखें गाइडलाइंस
Photo Courtesy: Punjab kesari

नई दिल्ली/जयपुर। दिल्ली और राजस्थान में कोरोना महामारी की वजह से बीते दस महीनों से बंद स्कूल आज से खुल गए हैं। राज्य सरकारों ने इसके लिए स्कूलों को विस्तृत गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है, जिनमें मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। कोरोना वायरस के घटते मामलों व रिकॉर्ड स्तर पर रिकवरी रेट को देखते हुए दोनों प्रदेश सरकारों ने यह फैसला लिया है। हालांकि, देश के कई राज्यों में अब भी पाबंदियां लागू हैं।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की और 10 महीने बाद स्कूल फिर से खुलने के लिए सभी को शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान उन्होंने कोरोना नियमों का ध्यान रखने को कहा और बताया कि सभी स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हैंड सैनिटाइजर की पूरी व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि 4 मई से बोर्ड की परीक्षाएं होने हैं ऐसे में उससे पहले प्री-बोर्ड, प्रैक्टिकल एग्जाम को देखते हुए स्कूल खोले गए हैं।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि 18 जनवरी से कक्षा नौ से बारहवीं तक के स्कूल खोलने की अनुमति के तहत कोरोना नियमों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा, 'सभी जिलों में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पदस्थान के निकट के उच्च माध्यमिक विद्यालय में जाकर विभाग द्वारा जारी एसओपी की पालन सुनिश्चित करेंगे।' 

ये हैं दिशानिर्देश

स्कूल खोलने से जुड़े दिशानिर्देश के मुताबिक स्कूलों में क्लास 4-5 घंटे से ज्यादा नहीं लगेंगी। वॉशरूम में एक बार में दो से ज्यादा छात्रों को जाने अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने कहा है कि स्कूलों की ओर से पिक-ड्रॉप की सुविधा भी छात्रों को नहीं दी जाएगी। दिल्ली सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, एक कक्षा में 12 से 15 छात्र ही बैठेंगे। स्कूलों के कॉरिडोर में हैंडवॉशिंग कंसोल और सैनेटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। छात्रों को दो हिस्सों में बांटकर दो बैच में बुलाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने कहा है कि स्कूल आने से पहले छात्रों को पैरेंट्स से सहमति पत्र भी लाना होगा।