अर्णब गोस्वामी पर संगीन आरोप, TRP में हेराफेरी के लिए दासगुप्ता को दी लाखों की रिश्वत

TRP Scam: मुंबई पुलिस की तरफ़ से दायर चार्जशीट के मुताबिक़ BARC के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता ने अपने हाथ से लिखे बयान में माना है कि अर्णब गोस्वामी ने उन्हें TRP में हेराफेरी के एवज़ में मोटी रिश्वत दी थी

Updated: Jan 25, 2021, 02:04 PM IST

अर्णब गोस्वामी पर संगीन आरोप, TRP में हेराफेरी के लिए दासगुप्ता को दी लाखों की रिश्वत
Photo Courtesy: Twitter

मुंबई। टीआरपी घोटाले के आरोपों में घिरे रिपब्लिक टीवी के मालिक अर्णब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक के बाद एक संगीन आरोप सामने आ रहे हैं। इसी सिलसिले में ताज़ा खबर यह है कि अर्णब ने टीआरपी (TRP) में हेराफेरी करने के लिए ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को रिश्वत के तौर पर मोटी रकम दी थी। इस बात का खुलासा अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक BARC के सीईओ रहे पार्थो दासगुप्ता ने अर्णब ने कई बार घूस लेने की बात अपने हाथ से लिखे बयान में कबूल की है। अखबार के मुताबिक यह लिखित बयान घोटाले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की सप्लिमेंट्री चार्जशीट के साथ अदालत में पेश किया गया है। आरोप है कि अर्णब ने पार्थो को दो बार विदेश यात्राओं के लिए 12 हज़ार डॉलर और तीन साल के दौरान 40 लाख रुपये अलग से दिए। इस हिसाब से अर्णब ने पार्थो दासगुप्ता को रिश्वत के तौर पर कुल मिलाकर करीब 48 लाख 75 हजार रुपये दिए।

रिपोर्ट के मुताबिक अर्णब ने दासगुप्ता को यह रकम अपने चैनल की TRP को हेराफेरी करके बढ़ाने में मदद करने के लिए दी थी। इतना ही नहीं अर्णब ने अपने रसूख के जरिए दासगुप्ता को भविष्य में मदद करने का वादा भी किया था। बार्क के पूर्व सीईओ ने ये सभी बातें उस लिखित बयान में मानी हैं, जो मुंबई पुलिस ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट के तौर पर कोर्ट में पेश की है। 

मुंबई पुलिस को दिए बयान में पार्थो दासगुप्ता ने लिखा ह, 'मैं 2004 से अर्णब गोस्वामी को जानता हूं। हम टाइम्स नाउ में साथ काम करते थे। मैं 2013 में सीईओ के रूप में बार्क में शामिल हुआ। अर्णब गोस्वामी ने 2017 में रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया। रिपब्लिक टीवी लॉन्च करने से पहले ही उन्होंने मुझसे लॉन्च के प्लान के बारे में बात की थी और अप्रत्यक्ष रूप से अपने चैनल को अच्छी रेटिंग दिलाने में मदद मांगने के संकेत भी दिए थे। गोस्वामी अच्छी तरह जानते थे कि मुझे पता है टीआरपी सिस्टम कैसे काम करता है। उन्होंने भविष्य में मेरी मदद करने के लिए भी प्रलोभन दिया था।'

दासगुप्ता ने आगे लिखा है, 'मैंने अपनी टीम के साथ काम करके यह सुनिश्चित किया कि रिपब्लिक टीवी को नंबर वन रेटिंग मिले। ये काम 2017 से 2019 तक चला होगा। इस दौरान 2017 में अर्नब गोस्वामी लोअर परेल स्थित सेंट रेजिस होटल में मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिले और मेरे परिवार की फ्रांस एवं स्विट्ज़रलैंड ट्रिप के लिए 6000 यूएस डॉलर दिए। इसके बाद 2019 में उसी होटल में अर्णब मुझसे मिले और मेरे परिवार की स्वीडन और डेनमार्क यात्रा के लिए भी 6000 अमेरिकी डॉलर दिए। साल 2017 में ही अर्णब से मेरी मुलाकात आईटीसी होटल में हुई, जहां उन्होंने मुझे बीस लाख रुपये दिए। इसके अलावा 2018 और 2019 में भी अर्णब गोस्वामी ने मुझसे मिलकर दो बार 10-10 लाख रुपये और दिए।'

बार्क के पूर्व सीईओ का यह लिखित बयान 11 जनवरी को कोर्ट में पेश की गई मुंबई पुलिस ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट का हिस्सा है। ये वही चार्जशीट है, जिसमें अर्णब और दासगुप्ता के बीच वॉट्सऐप पर हुई चैटिंग को भी शामिल किया गया है। इन चैट्स को लेकर देश में पहले ही काफी हंगामा हो चुका है। कथित वॉट्सऐप चैट्स को देखा जाए तो उससे भी टीआरपी के हेरफेर की पुष्टि होती है। मसलन अर्णब को गुप्ता ने बार्क का एक गोपनीय पत्र भेजा। इसके साथ उन्होंने मैसेज में लिखा, 'एनबीए को जाम कर दिया है। रजत मेरे पीछे पड़ जाएंगे।' इसपर अर्णब ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि रजत की अब कोई पहुंच नहीं है।

हालांकि पार्थो दासगुप्ता के वकील अर्जुन सिंह ने इस बयान का पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने कहा, 'ये बयान जोर जबरदस्ती से दर्ज करवाया गया होगा और अदालत में टिक नहीं पाएगा। इसे सबूत के रूप में नहीं लिया जा सकता।'  अर्णब गोस्वामी की लीगल टीम या रिपब्लिक टीवी की ओर से इस मामले में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने पिछली 11 जनवरी को 3,600 पेज की सप्लिमेंट्री चार्जशीट पेश की थी, जिसमें BARC की एक फरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, दासगुप्ता और गोस्वामी के बीच कथित वॉट्सऐप चैट और पूर्व काउंसिल कर्मचारी और केबल ऑपरेटर समेत 59 लोगों के बयान शामिल हैं।