नाग पंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन, साल में एक बार खुलता है मंदिर का पट, पूरी होती है मनोकामना

शिवजी को अपनी तपस्या से प्रसन्न करके सर्पों के राजा तक्षक ने पाया था अमरता का वरदान, शिव सानिध्य में रहने के लिए मंदिर में करते हैं निवास, महाकाल के एकांत वास में विघ्न ना हो इसलिए केवल नागपंचमी पर देते हैं नागचंद्रेश्वर के रूप में दर्शन

Updated: Aug 13, 2021, 06:21 PM IST

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भगवान नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन
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1. भगवान नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन

उज्जैन। सावन के पवित्र महीने की पंचमी के दिन नाग पंचमी धूमधाम से मनाई जाती है। इसी दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर बने नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले जाते हैं। शिव भक्तों को साल भर इस दिन का इंतजार रहता है। गुरुवार-शुक्रवार की मध्य रात्रि को भी पारंपरिक रूप से नागचंद्रेश्वर के पट खुले।

कोरोना संक्रमण की वजह से नागचंद्रेश्वर मंदिर में आम भक्तों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी थी। रात 12 बजे मंदिर का पट खुलने के दौरान सबसे पहली पारंपरिक पूजा श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरी और मंदिर समिति के प्रशासक नरेंद्र सूर्यवंशी ने की।

यहां नागचंद्रेश्वर मंदिर के अग्रभाग में बने शेषनाग के आसन पर बैठे भगवान शिव पार्वती की मूर्ति, भगवान नागचंद्रेश्वर के साथ-साथ महाकाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।