छत्तीसगढ़: कोरोना रिकवरी रेट में आया सुधार, बीते 24 घंटों में 12 हजार से ज्यादा मरीज हुए स्वस्थ

रायपुर के अस्पतालों से आई राहत भरी खबर, बड़ी संख्या में मरीजों की हुई छुट्टी, अस्पतालों के ICU के 1024 में से 266 बिस्तर और वेंटिलेटर्स के 343 में से 47 पलंग भी खाली

Updated: May 03, 2021, 01:48 PM IST

छत्तीसगढ़: कोरोना रिकवरी रेट में आया सुधार, बीते 24 घंटों में 12 हजार से ज्यादा मरीज हुए स्वस्थ
Photo courtesy: The Print

रायपुर। पिछले महीने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से परेशान छत्तीसगढ़ में अब मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में कुल 11,825 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई है। वहीं राहत की बात है कि कुल 12,168 मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए हैं।

रायपुर में अब तक 1.30 लाख से ज्यादा मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं।  जिनमें से 90% मरीज घर पर ही स्वस्थ हुए हैं। वहीं अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आ रही है।  स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल के अनुसार सोमवार दिन में 1 बजे तक राजधानी रायपुर के 112 कोरोना अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में 988 सामान्य बिस्तरों में से 776 बिस्तर खाली हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल cgcovidjansahayta.comके  आंकडों के  अनुसार अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 2170 बिस्तरों में 964 बिस्तर खाली हैं। वहीं 584 एचडीयू बेड्स में से 203 खाली हैं। वहीं ICU के 1024 में से 266 बिस्तर और वेंटिलेटर के कुल 343 में से 47 पलंग फिलहाल खाली हैं।  

वहीं प्रदेश में कोरोना वैरक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक उम्र के 58 लाख से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। इमें से करीब 7 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। वहीं करीब 48 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी है। दरअसल जिन जिलों में कोरोना के मामले ज्यादा आए हैं, उन स्थानों पर वैक्सीनेशन की रफ्तार में इजाफा हुआ है।

सबसे ज्यादा प्रभावित रायपुर में सबसे ज्यादा 3 लाख 60 हजार लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है। दुर्ग में 3 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन का पहला डोज मिल चुका है।  45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना टीके की पहली डोज देने में छत्तीसगढ़ देश में चौथे स्थान पर है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार फ्रंटलाइन वर्कर्स के वैक्सीनेशन में राज्य का छठा स्थान हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक मई तक 88 प्रतिशत हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है। 3 लाख हेल्थ वर्कर्स को पहली डोज और 2.10 लाख याने 62 प्रतिशत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है।