सीजी टीका एप पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हुई बंद, एप बंद करने की तैयारी में सरकार

18 प्लस लोगों को अब कोविन एप पर कराना होगा वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन, 21 जून से केंद्र सरकार लगवाने वाली है 18 साल से 45 साल के उम्र के लोगों को वैक्सीन, सीजी टीका एप पर पहले से रजिस्टर्ड लोगों के वैक्सीनेशन के बाद नए लोगों का नहीं हो रहा रजिस्ट्रेशन

Updated: Jun 09, 2021, 06:57 PM IST

सीजी टीका एप पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हुई बंद, एप बंद करने की तैयारी में सरकार
Photo courtesy: The Indian Express

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीजी टीका एप बंद करने का फैसला लिया है। अब जब केंद्र के कोटे से 18 प्लस के लोगों को फ्री वैक्सीन लगाई जा रही है, तब इस सीजी टीका एप की उपयोगिता नहीं रह गई है। दरअसल हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि देश के सभी 18 से 45 साल तक के लोगों को केंद्र की ओर से टीका लगाया जाएगा। जिसके बाद अब सीजी टीका एप की उपयोगिता पर सवाल खड़े होने लगे थे।

इससे पहले केंद्र ने कहा था कि 18 से 45 साल तक के लोगों का टीकाकरण राज्य सरकारों द्वारा करवाया जाएगा, तब छत्तीसगढ़ में सीजी टीका एप की शुरुआत की गई थी। राज्य के कोटे से लगने वाले इंजेक्शन के लिए इसी एप पर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता था। इस एप के जरिए टीकाकरण करवाने वालों को सीएम भूपेश बघेल की फोटो वाला प्रमाण पत्र दिया जा रहा था। जिसे लेकर बीजेपी ने काफी सवाल उठाए थे। 

अब सीजी टीका एप पर रजिस्ट्रेशन बंद हो गया है, क्योंकि केंद्र की ओर से 21 जून से सभी राज्यों में फ्री वैक्सीनेशन करने का ऐलान किया गया है। अब वैक्सीनेशन के लिए 18 प्लस लोगों को कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव का कहना है कि अब तक जिन लोगों ने सीजी टीका एप पर  रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उनका वैक्सीनेशन किया जाएगा। लेकिन नए लोंगों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।  सरकारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 45 वर्ष से ज्यादा वाले 45 लाख 32 हजार 937 लोगों को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है। वहीं 7 लाख 7 हजार 356 लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। 18 प्लस के 8 लाख 63 हजार 508 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में कोरोना के 1,102 नए पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई है। वहीं 2,307 लोग स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में उचित इलाज मिलने की वजह से कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।