बिलासपुर: नशे में धुत बेटे ने मां को बिस्तर से नीचे पटका, गंभीर चोट लगने से हुई मौत

महिला की उम्र 87 वर्ष थी, वह अपने छोटे शराबी बेटे के साथ रहती थी, महिला की पेंशन से ही बेटे का खर्च चलता था, मां अक्सर बेटे को शराब पीने पर डाँटती थी

Updated: Feb 19, 2021, 11:07 AM IST

बिलासपुर: नशे में धुत बेटे ने मां को बिस्तर से नीचे पटका, गंभीर चोट लगने से हुई मौत
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बेटे ने अपनी बुज़ुर्ग मां को बिस्तर से नीचे पटक दिया। 87 साल की बुजुर्ग मां को इससे गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। मां थोरई क्षेत्र में अपने छोटे बेटे के यहां रहती थी। बेटा शराब पीने का आदि था, इसलिए मां और बेटे में अक्सर इस बात के लिए विवाद होता रहता था। 

देविखुर्द निवासी सिरमती बाई अपने छोटे बेटे 35 वर्षीय परस राम यादव के साथ रहा करती थी। उनके पति रेलकर्मी थे, जिनकी मौत के बाद सिमरती बाई को पेंशन मिला करती थी। छोटा बेटा भले ही शराबी था लेकिन इसके बावजूद छोटे बेटे से लगाव होने के कारण मां उसी के पास रहती थी। जबकि बड़ा बेटा शंकर पड़ोस में ही एक मकान छोड़कर रहता था। 

गुरुवार की सुबह जब महिला का बड़ा बेटा शंकर घर से होकर गुजर रहा था, तब इतनी सुबह घर का दरवाज़ा खुला देख वो आश्चर्य में पड़ गया। शंकर घर के अंदर घुसा तो अवाक रह गया। उसकी मां लहू लुहान हालत में नीचे पड़ी हुई थी। मां की मौत हो चुकी थी। लेकिन परस वहां पर मौजूद नहीं था। शंकर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब वहां पहुंची तो उसका सबसे पहला शक परस के ऊपर जाना लाज़मी था। 

पुलिस ने परस की तलाश शुरू की। परस तोरवा चौक पर घूमते हुए पुलिस को मिल गया। थाने में लाकर पूछताछ करने पर परस टूट गया और उसने सच कबूल लिया। परस ने बताया कि बुधवार रात को वह शराब पीकर घर आया था। आदतन उसकी मां ने उसे डांटा और फिर दोनों में विवाद शुरू हो गया। परस ने बताया कि वो नशे में धुत था और आक्रोश में आकर उसने अपनी मां को धक्का दे दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। परस अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पुलिस से गुहार लगाता रहा। आखिरकार पुलिस उसे मुक्तिधाम लेकर गई, जहां बड़े बेटे शंकर ने अपनी मां का दाह संस्कार किया।

भाई और पड़ोसियों के अनुसार शराब की लत होने के बावजूद मां को सबसे ज़्यादा परस से ही लगाव था। पड़ोसियों ने बताया कि अमूमन मां बेटे में विवाद होता था, फिर भी परस मां की सेवा करता था। बुज़ुर्ग मां उठ बैठ नहीं पाती थी, इसलिए उसका खाना पीना, शौच सबकुछ बिस्तर पर हो होता था। बेटा खाना बनाने से लेकर साफ-सफाई तक सारे काम खुद ही करता था। लेकिन पेंशन की आधी रकम वो शराब में ही खर्च कर डालता था। इसी वजह से मां उसे डांटा करती थी।