कहां गायब हो गए MP के 3389 corona पॉजिटिव

आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं. 18 से अब तक के बुलेटिन में 3389 रिपोर्ट का कोई हिसाब ही नहीं दिया गया है। आखिर ये रिपोर्ट गई कहां?


Updated: May-23, 2020, 11:15 AM IST

कहां गायब हो गए MP के 3389 corona पॉजिटिव

मप्र में coronaviturs तेजी से फैलता जा रहा है। रोकथाम के तमाम प्रयासों के बाद भी यह प्रदेश के 49 जिलों में पहुंच चुका है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठकों में चाहे जो जानकारी दी जाती रहे मगर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के हेल्‍थ बुलेटिन में काफी गड़बडि़यां है। 18 मई को दिए बुलेटिन में उसने 2897 टेस्ट रिपोर्ट्स कम बताई। 22 मई तक जारी बुलेटिन में इन 3389 टेस्ट रिपोर्ट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सवाल यह है कि ये रिपोर्ट किन लोगों की है और यदि वे पॉजिटिव हुए तब क्‍या होगा?

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स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 22 मई तक मध्‍य प्रदेश में 6291 कोरोना संक्रमित हैं तथा 276 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में 3222 मरीज ठीक हुए हैं। अभी केवल 3 जिले कटनी, निवाडी, नरसिंहपुर ही कोरोना संक्रमण से मुक्त हैं। सबसे ज्‍यादा इंदौर में 2933 तथा भोपाल में 1191 पॉजिटिव हैं। विभाग ने 21 मई 2020 को अपने बुलेटिन में बताया था कि तब तक 270 मौतों के साथ मध्य प्रदेश में कुल 5981 पॉजीटिव केस थे। 18 मई 2020 से अब तकहेल्थ बुलेटिन में रिपोर्ट किए गए टेस्ट की संख्या एवं वास्तविक टेस्ट की संख्या में लगातारविसंगतियां हैं। उदाहरण के लिए 17 मई तक किए गए कुल टेस्ट 1,03,898 थे। 18 मई के बुलेटिन के अनुसार कुल 1,12,168 टेस्ट किए गए थे। इसका मतलब है कि 18 मई को 8270 नए टेस्ट किए गए थे। लेकिन सरकार ने केवल 5373 टेस्ट का ही हिसाब दिया हैं। 2897 टेस्ट रिपोर्ट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं? 19 मई के बुलेटिन में 72 तथा 21 मई के बुलेटिन में यह नहीं बताया गया कि 420 जांच रिपोर्ट का क्‍या हुआ?

जन स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अमूल्‍य निधि और एसआर आजाद का कहना है कि मध्‍यप्रदेश में लॉकडाउन को सफल बताया जा रहा है, लेकिन ऐसा है नहीं। राज्य सरकार की रणनीति केसे की पहचान करने, उन्हें आइसोलेट करने, उनका टेस्ट करने और इलाज करने  की थी। इन तीनों ही मामलों में सरकार विफल रही है। पिछले 2 हफ्तों में, जब लॉकडाउन 3.0 समाप्त हो रहा था तब संक्रमण 11 नए जिलों में फैल गया। आज 52 में से 49 जिले संक्रमित हैं। मध्य प्रदेश टेस्ट करने की क्षमता में अन्य राज्यों से बहुत पीछे है। आज की तारीख में मध्यप्रदेश में सिर्फ 20 टेस्टिंग लेब हैं, जबकि मध्‍य प्रदेश जितनी ही आबादी वाले गुजरात और तमिलनाडु ने प्रयोगशालाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी की है। वर्तमान में, गुजरात में कुल 37 टेस्टिंग लेब हैं और तमिलनाडु में 67 टेस्टिंग लेब हैं। जब लॉकडाउन हटाया जायेगा तब बढ़ते केसे के लिए मध्य प्रदेश कम से कम टेस्टिंग लेब के लक्ष्य के करीब भी नहीं है।