अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार, ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद 1.5 फीसदी तक क्रैश हुआ वॉल स्ट्रीट

ग्रीनलैंड विवाद पर ट्रंप की टैरिफ धमकी से अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट आई। डाउ, S&P 500 और नैस्डैक 1.5 प्रतिशत तक टूट गए।

Updated: Jan 21, 2026, 11:17 AM IST

वॉशिंगटन। ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाटो के आठ देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में चले गए।

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में S&P 500 करीब 1.3 प्रतिशत गिर गया। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 642 अंक यानी 1.3 प्रतिशत नीचे आ गया। वहीं, नैस्डैक कंपोजिट में 1.5 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई।

दरअसल, ट्रंप ने शनिवार को ऐलान किया कि फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत आयात कर लगाया जाएगा। इन सभी देशों ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की ट्रंप की मंशा का विरोध किया है।

ट्रंप के इस बयान का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। यूरोपीय शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी गई। वहीं, बॉन्ड मार्केट में ट्रेजरी यील्ड ऊपर चली गई, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दिखाता है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के देशों से अमेरिका में होने वाला कुल सालाना आयात, अमेरिका के दो सबसे बड़े व्यक्तिगत आयात साझेदार देशों मेक्सिको और चीन से होने वाले आयात से भी ज्यादा है। यही वजह है कि यह टैरिफ कदम वैश्विक व्यापार के लिए अहम माना जा रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। वैश्विक तनाव और चौतरफा बिकवाली के चलते प्रमुख इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत टूटकर 82,180.47 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 1,235.6 अंक यानी 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,010.58 तक चला गया था।

निफ्टी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ। यह 7 अप्रैल 2025 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट रही और 15 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल भी है।