योग आसन अपनाएं, गर्दन और कमर दर्द को कहें बाय बाय

शिल्पा शेट्टी ने बताया कैसे रखें पीठ और कमर की सेहत का ख्याल, बैक, नेक, थाई औऱ ग्लूट्स की मसल्स टोनिंग के सीक्रेट किए शेयर

Updated: Nov 12, 2021, 05:59 PM IST

योग आसन अपनाएं, गर्दन और कमर दर्द को कहें बाय बाय
Photo Courtesy: Instagram

कहा जाता है सेहत हजार नियामत है, स्वस्थ्य रहने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते हैं। इन्हीं में से एक है योगासन। शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए योग एक बहुत बढ़िया विकल्प है। इसके माध्यम से तन और मन दोनों को हेल्दी रखा जा सकता है।

अक्सर सिटिंग जॉब की वजह से गर्दन और कमर में दर्द हो जाता है।  स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से कई फ़ायदे होते हैं। जिसे एक्सरसाइज़ रूटीन में शामिल करना चाहिए। जिससे शरीर का लचीलापन बना रहता है, जोड़ों का मूवमेंट बना रहता है। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करने से पहले हमेशा 5 से 10 मिनट तक वॉर्मअप जरूरी है, वहीं वर्कआउट के बाद भी स्ट्रेचिंग जरूरी है। 

योग और फिटनेस दीवा शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर बेहतरीन योगासन के वीडियो शेयर कर उनकी खूबियां गिनाईं हैं। उन्होंने बताया है कि इनसे बॉडी को बेहद लाभ होता है। 

 

शलभासन करने से कमर का लचीलापन बढ़ता है, इससे कमर और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शलभासन करने से पेट मसल्स टोन होती हैं। डाइजेशन अच्छा रहता है। वहीं यह हाथों और कंधों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बेली फैट घटाने में मदद मिलती है। गर्दन को आराम मिलता है।

वीडियो में एक्ट्रेस धनुषासन करती भी दिखी हैं। इससे पीठ की समस्याएं ठीक रहती हैं। धनुषासन रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है। ये आसन बैक की मसल्स को मजबूती प्रदान करता है। इस योग में सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं फिर अपने घुटनों को अपने कूल्हों की ओर मोड़ लें। फिर अपने हाथों से अपने टखनों को पकड़ें। अब अपने पैरों और हाथों को अपने सामर्थ्य के अनुसार ऊपर उठाएं। इस दौरान अपना चेहरा ऊपर रखें। इसे अपनी होल्डिंग कैपेसिटी के अनुसार रीपीट करें। 

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बालासन करने से भी कमर और गर्दन की मसल्स रिलैक्स होती हैं। मसल्स में हो रही अकड़न खत्म होती है। बालासन से मानसिक शांति मिलती है। दिमाग शांत रहता है, शारीरिक थकावट दूर होती है।

शिल्पा शेट्टी ने वीडियो में शलबासन, अर्ध शलबासन, धनुषासन और बालासन करके दिखाया है। उनका कहना है कि यह पीठ और रीढ़ को मजबूत करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। इसे रुटीन बनाकर करने से गर्दन और कंधे मजबूत होते हैं। इससे पाचन में सुधार होता है। वहीं थाई और ग्लूट्स की मसल्स टोन करने में मदद करती है। इसे नियमित तौर पर करने से बॉडी धीरे-धीरे ट्रांसफार्म होने लगती है।