अमेरिका में भारत को कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न की कैटेगरी में डालने की माँग, बाइडेन सरकार से की गुज़ारिश

अमेरिका में 30 संगठनों ने भारत के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर कहा है कि वहां गैर हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, इसपर भारत सरकार ने जवाब दिया है कि भारत में स्वतंत्र मीडिया, स्वतंत्र न्यायपालिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था है

Updated: Jul 17, 2021, 10:31 AM IST

अमेरिका में भारत को कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न की कैटेगरी में डालने की माँग, बाइडेन सरकार से की गुज़ारिश
Photo Courtesy: Ummid.com

वॉशिंगटन। दुनियाभर के 30 सामाजिक संगठनों ने अमेरिका में भारत के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। इस साझा प्रस्ताव में कहा गया है कि 'भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। ऐसे में अमेरिकी सरकार को चाहिए की भारत को धार्मिक मामलों में 'कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न' '(CPC) विशेष चिंता वाले देश' की सूची में डाल दे।'

सामाजिक संगठनों ने बाइडेन सरकार से भारत के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग यह कहकर की है कि यहां गैर हिंदुओं के साथ धार्मिक भेदभाव और उनका खुलेआम उत्पीड़न किया जा रहा है। यह प्रस्ताव अमेरिका में पहली बार हुई अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता समिट के दौरान पारित किया गया। इससे पहले USCIRF ने भी भारत को CPC के रूप में चिन्हित करने का सुझाव दिया था।

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उधर अमेरिका की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसदों ने भी भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्रालय किसी भी देश को सीपीसी की सूची में डाल सकता है। वह भी तब जब उस देश में धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आएं। ऐसा होने पर अमेरिकी सरकार आर्थिक और गैर-आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए उस देश पर धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने का दबाव डालती है।

भारत सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत में स्वतंत्र प्रेस, स्वतंत्र न्यायपालिका, लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था है। इसके अलावा अनेक राष्ट्रीय व राज्य स्तर के आयोग हैं जो मानवाधिकार उल्लंघन की निगरानी करते हैं। साथ ही देश में प्रगतिशील सिविल सोसाइटी भी है।