क्रोम, फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स पर मैलवेयर का हमला, ऐसे करें बचाव

इस मैलवेयर का नाम एड्रोजेक है, अगस्त तक इसने रोज करीब 30 हजार यूजर्स को अपना निशाना बनाया है

Updated: Dec 15, 2020, 05:35 AM IST

क्रोम, फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स पर मैलवेयर का हमला, ऐसे करें बचाव
Photo Courtesy: Security Boulevard

अगर आप गूगल क्रोम, फायरफॉक्स माइक्रोसॉफ्ट एज और येंडेक्स जैसे पॉपुलर वेब ब्राउजर्स का इस्तेमाल करते हैं तो जरा सावधान हो जाइए। क्योंकि इन वेब ब्राउजर्स पर खतरनाक मैलवेयर का हमला हुआ है। सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। बताजा जा रहा है कि इस मैलवेयर का नाम एड्रोजेक है, जो इसी साल मई में आया था। मैलवेयर ने अगस्त तक इसने रोज करीब 30 हजार यूजर्स को अपना निशाना बनाया है।

एड्रोजेक ऐसे पहुंचा रहा नुकसान

एड्रोजेक का मकसद यूजर्स को सर्च रिजल्ट्स में ऐड दिखाकर टारगेट वेबपेज पर ले जाना होता है। ऐसा करने के लिए मालवेयर चुपके से ब्राउजर में एक्सटेंशन इंस्टॉल कर देता है और ब्राउजर की सेटिंग्स बदलकर ऐड दिखाने लगता है। हालांकि इसको शुरू करने के लिए मैलवेयर चुपचाप खराब ब्राउजर एक्सटेंशन को जोड़ता है और वेबपेज में विज्ञापन डालने के लिए ब्राउजर सेटिंग्स बदलता है। उदाहरण के लिए, यह माइक्रोसॉफ्ट एज ब्राउजर में MsEdge.dll को बंद कर देगा, जो कि ब्राउजर का सिक्यॉरिटी कंट्रोल करता है।

ऐसे डिसवाइस में घुसता है

एड्रोजक मैलवेयर डाउनलोडिंग के जरिए ही आपके डिवाइस में घुसता है। यह आसानी से डिवाइस में ड्राइव-बाय डाउनलोड से इन्स्टॉल हो जाता है। जिसमें इंस्टॉलर फाइल नाम setup_.exe होता है। जब इस फाइल को रन करते हैं तो इंस्टॉलर अस्थायी फोल्डर में एक सेटअप फाइल नाम के साथ एक .exe फाइल को छोड़ देता है। यह एक साधारण ऑडिया सॉफ्टवेयर का रूप धारण कर लेता है, जिस वजह से एंटीवायरस की पकड़ में भी नहीं आता।

बचाव के लिए क्या करें

माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर्स को इससे बचने के लिए माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर एंटीवायरस इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है, जो बिल्ट-इन एंडपॉइंट प्रोटेक्शन सॉल्यूशन देता है और मैलवेयर फैमिली को ब्लॉक कर सकता है।