नेपाल में खतरा टलने के 3 घंटे बाद फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, अबतक 547 लोगों की मौत और 977 लापता

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद शुक्रवार को भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील का पानी बढ़ने से नए फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हुआ। करीब तीन घंटे तक राहत अभियान रोका गया। खतरा कम होने पर रेस्क्यू फिर शुरू हुआ।

Updated: Aug 28, 2026, 07:33 PM IST

नेपाल और तिब्बत में शुक्रवार को अचानक बाढ़ के खतरे के कारण करीब तीन घंटे तक रोका गया राहत और बचाव अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया। भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील में पानी बढ़ने से फ्लैश फ्लड की आशंका पैदा हुई थी। खतरे को देखते हुए नेपाल के धडिंग समेत संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई थी।

शुक्रवार को झील में पानी का स्तर बढ़कर करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर पहुंच गया था। पानी झील से ओवरफ्लो होकर ल्हेंदे खोला में पहुंचा और आगे त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा। इसके बाद नेपाली अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। हालांकि, बाद में चीन की ओर से कहा गया कि फिलहाल नई झील के फटने का खतरा नहीं है। स्थिति सामान्य होने के बाद राहत और बचाव कार्य फिर शुरू कर दिए गए।

इस बीच धडिंग जिले में पुलिस, स्पेशल फोर्सेज और एपीएफ की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने में जुटी रही। घरों और दुकानों को खाली कराया गया। कई लोग जरूरी सामान और खाने-पीने की चीजें लेकर ऊंचाई वाले इलाकों की ओर चले गए। बुजुर्गों को स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। लगातार बाढ़ की चेतावनी के कारण इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।

अधिकारियों ने लोगों से खुद सुरक्षित जगह पहुंचने के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी खतरे की जानकारी देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद करने की अपील की। स्थानीय स्तर पर मोबाइल फोन के जरिए भी लोगों को अलर्ट किया गया था। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई।

नेपाल में बुधवार को ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। बाढ़ और मलबे के तेज बहाव से सड़कें, पुल, घर और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फंसे और लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

नेपाल में अब तक 547 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। जबकि, 1000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। तिब्बत में भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। यहां पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 558 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। दोनों देशों में मिलाकर एक हजार से ज्यादा लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए 13,295 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा बल अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं। नेपाली सेना के 15 हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए हैं। नए बाढ़ अलर्ट के बाद कुछ समय के लिए अभियान रोकना पड़ा लेकिन खतरा टलने की जानकारी मिलने के बाद इसे फिर शुरू कर दिया गया।