MP में भारत जोड़ो यात्रा का 11वां दिन, आगर-मालवा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, लोगों में जबरदस्त उत्साह

दक्षिण के मशहूर संगीतकार टीएम कृष्णा भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे। देश में एकजुटता के प्रयासों के लिए मिल चुका है रेमन मैगसेसे अवार्ड।

Updated: Dec 03, 2022, 06:46 PM IST

MP में भारत जोड़ो यात्रा का 11वां दिन, आगर-मालवा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, लोगों में जबरदस्त उत्साह

आगर मालवा। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में है। राज्य में राहुल गांधी की इस यात्रा का आज 11वां दिन है। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का उत्साह देखते ही बन रहा है। शनिवार सुबह हजारों की संख्या में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, नौजवान राहुल के साथ सड़कों पर चलते नजर आए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा वाले रूट पर सड़कों को फ्लैक्स, बैनर और पोस्टर्स से पाट दिया है। अमला चौराहा पर पीसीसी सदस्य भेरू सिंह बापू ने मंत्रोच्चार के साथ भारत जोड़ो यात्रा का स्वागत किया। स्थानीय विधायक विपिन वानखेड़े यात्रा में जहां तक नजर जा रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। यात्रा के पीछे इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन चल रहे हैं। करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों का कतार लगा हुआ है।यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ दिव्यांग जन भी शामिल हुए।

बता दें कि शुक्रवार को ही भारत जोड़ो यात्रा आगर में प्रवेश कर चुकी थी। यहां कल काशीबर्डिया में रात्रि विश्राम के बाद सुबह यात्रा बस स्टॉप महुड़िया से शुरू हुई। सुबह का ब्रेक 10.30 बजे आमला शिवाय होटल के सामने है। वहीं चार बजे की यात्रा जैन मंदिर सुसनेर से शुरू होगी। यात्रा का शाम का ब्रेक 7 बजे मंगेशपुरा चौराहा होगा। रात्रि विश्राम अन्नपूर्णा ढाबा के पास लालाखेड़ी में किया जाएगा। अगले शाम यानी रविवार को यात्रा राजस्थान सीमा में प्रवेश करेगी। 

खास बात ये है कि आज यात्रा में कंप्यूटर बाबा भी शामिल हुए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी से उनका परिचर कराया। कंप्यूटर बाबा राहुल गांधी के साथ बातचीत करते दिखे। भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए दक्षिण के मशहूर संगीतकार टीएम कृष्णा भी आगर पहुंचे हैं। उन्हें देश में एकजुटता के प्रयासों के लिए रेमन मैगसेसे और इंदिरा गांधी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इससे पहले कल आगर में एक पब्लिक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम तपस्वी थे, उन्होंने अपना पूरा जीवन तपस्या में लगा दिया। वो व्यक्ति नहीं बल्कि जीने का तरीका बताने वाले थे। भगवान ने पूरी दुनिया को प्यार, भाईचारा, इज्जत, तपस्या की राह दिखाई।

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, 'जब गांधी जी 'हे राम' कहते थे तब उससे उनका मतलब भगवान राम की भावनाओं को अपने अंदर लाने से था। उन्होंने आगे कहा, 'जय सिया राम का मतलब क्या है, जय सीता जय राम। सीता और राम एक ही हैं, इसलिए नारा है जय सियाराम या सीताराम। बीजेपी के लोग जय श्रीराम यानी भगवान राम की जय करते हैं, लेकिन जय सियाराम या हे राम नहीं करते हैं। क्योंकि बीजेपी और आरएसएस के लोग भगवान राम के भाव से जीवन नहीं जीते। वो जय सिया राम तो कर ही नहीं सकते क्योंकि उनके संगठन में महिला नहीं हैं, उन्होंने सीता को तो बाहर कर दिया।' राहुल के मुताबिक ये बात मध्य प्रदेश में ही यात्रा के दौरान एक पंडित जी ने सड़क पर उनसे कही थी।