चेक बाउंस मामले में एक्टर राजपाल यादव की बढ़ी मुश्किलें, महू कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ महू न्यायालय ने 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

Updated: Nov 06, 2026, 05:06 PM IST

इंदौर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मध्य प्रदेश के महू न्यायालय में लंबित 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में लगातार पेशी पर अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए गए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट फरहान एम कुरैशी ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले अभिनेता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।

यह मामला महू निवासी प्रकाश जाजू की ओर से दायर किया गया है। फरियादी के मुताबिक, उन्होंने राजपाल यादव को 25 लाख रुपये दिए थे। इस लेनदेन को लेकर दोनों के बीच बाकायदा अनुबंध हुआ था। तय शर्तों के अनुसार, अभिनेता को निर्धारित समय में रकम लौटानी थी। इसके लिए उन्होंने पोस्ट डेटेड चेक भी दिए थे, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। जब जाजू ने चेक बैंक में जमा किए तो वे अनादरित होकर लौट आए।

इसके बाद फरियादी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत महू न्यायालय में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के लगातार अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने अब गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मुंबई पुलिस को वारंट की तामीली कर अभिनेता को अगली पेशी से पहले अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

फरियादी पक्ष के अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले न्यायालय ने राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद अभिनेता मुंबई पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए थे और उन्होंने निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश होकर जमानत कराने का भरोसा दिया था। हालांकि, उन्होंने न तो तय समय पर जमानत कराई और न ही न्यायालय में उपस्थित हुए। इसी के बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।

इस मामले में फरियादी प्रकाश जाजू की ओर से अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल के साथ अंकित विक्की परदेशी और अनुराग शर्मा पैरवी कर रहे हैं। यह मामला महू निवासी फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, प्रकाश जाजू और राजपाल यादव के बीच 25 लाख रुपए का वित्तीय लेनदेन हुआ था। रकम वापस करने के लिए राजपाल यादव की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए गए थे। फरियादी ने जब चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाए तो वे अनादरित हो गए। इसके बाद प्रकाश जाजू ने अधिवक्ताओं के माध्यम से न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया।