भोपाल: ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए रिटायर्ड अफसर, फास्टटैग अपडेट करने के नाम पर उड़ाए डेढ़ लाख

साइबर फ्रॉड के कहने पर भोपाल के एक रिटायर जल संसाधन अधिकारी को बैंक और ओटीपी की जानकारी बताना मंहगा पड़ गया, जब तक वह कुछ समझ पाते उनके खाते से डेढ़ लाख रुपए ट्रांसफर हो गए

Updated: Jun 07, 2022, 02:02 PM IST

भोपाल: ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए रिटायर्ड अफसर, फास्टटैग अपडेट करने के नाम पर उड़ाए डेढ़ लाख

भोपाल। मध्य प्रदेश में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। हालिया मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है जहां साइबर फ्रॉड ने एक रिटायर्ड अफसर को अपना शिकार बनाया। सेवानिवृत जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने फास्ट टैग अपडेट कराने के लिए एक जालसाज को अपने बैंक और ओटीपी की डिटेल्स दे दी। जब तक वह कुछ समझ पाते आरोपी ने फास्ट टैग अपडेट कराने के नाम पर उनका और उनकी पत्नी का खाता खाली कर दिया।

मामला भोपाल के 101 ए शाहपुरा इलाके का है। बताया जा रहा है कि 77 वर्षीय ओमप्रकाश चौधरी जल संसाधन विभाग से अफसर के पद पर रिटायर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी और उनकी पत्नी की कार का फास्ट टैग खत्म हो गया था। उन्होंने उसे अपडेट कराने के लिए फास्ट टैग के कस्टमर केयर पर नंबर लगाया, लेकिन फोन नहीं लगा। करीब 30 मिनट बाद उन्हें एक फोन आया। 

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आरोपी ने खुद को फास्ट टैग का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया। इस दौरान ओमप्रकाश को धोखाधड़ी का जरा भी अंदाजा नहीं हुआ। आरोपी ने एक के बाद उनके और उनकी पत्नी के बैंक खाते और ओटीपी नंबर की जानकारी ली। थोड़ी ही देर में उनके खाते से पांच बार में 1 लाख 9 हजार रुपए निकल चुके थे। साथ ही उनकी पत्नी के खाते से भी 25 हजार और 20 हजार रुपए दो बार में में खाते से निकल गए। दो दिन तक वे आरोपी के नंबर पर संपर्क करते रहे, लेकिन सभी नंबर बंद आए।

पीड़ित ने साइबर क्राइम में लिखित में आवेदन दिया था। आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस और बैंक कई बार एडवाइजरी जारी कर चुके हैं कि किसी भी तरह की बैंक संबंधी जानकारी फोन पर किसी को न दें। इसके साथ ही फोन पर आया ओटीपी भी किसी से शेयर न करें। अन्यथा आप भी साइबर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं।