श्योपुर में उफनता नाला पार कर रही बस पलटी, खिड़कियों के शीशे तोड़कर यात्रियों ने बचाई जान

हादसे में करीब 20 यात्री घायल हुए है, इनमें से 9 यात्रियों को इलाज के लिए विजयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के वक्त करीब 50 लोग बस में सवार थे।

Updated: Oct 09, 2022, 09:52 AM IST

श्योपुर में उफनता नाला पार कर रही बस पलटी, खिड़कियों के शीशे तोड़कर यात्रियों ने बचाई जान

श्योपुर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में हो रही मूसलाधार बारिश ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते श्योपुर जिले में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के सभी नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच, शनिवार को यात्रियों से भरी एक बस उफनते हुए नाले को पार करते वक्त पलट गई। यात्रियों को बस के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक बस मुरैना जिले के सबलगढ़ से श्योपुर जिले के विजयपुर आ रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 50 लोग मौजूद थे। सभी यात्री विजयपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। बस में सवार ज्यादातर लोग राजस्थान के करौली जिले में स्थित कैलादेवी माता मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। रास्ते में ऊंपचा गांव के पास बरसाती नाले में बारिश के कारण बाढ़ आने से पुलिया डूब गई थी। 

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शनिवार शाम करीब 5 बजे बस के ड्राइवर ने पुलिया पार करने का प्रयास किया। इसमें बस पानी की तेज धारा में बहकर पटल गई। पुल पर पानी होने के कारण लोगों ने ड्राइवर को बस निकालने के लिए मना किया था। इसके बाद भी उसने जोखिम लेकर बस को नाला पार कराने का प्रयास किया। विजयपुर थाने में अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ धारा 279, 337 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हादसे में घायल यात्रियों ने बताया कि बस का ड्राइवर शराब के नशे में धुत था। ड्राइवर ने भुजपेरिया गांव के पास अंग्रेजी शराब पी थी। इसके बाद वह बस चलाने लगा। जब इसे लेकर विरोध किया तो ड्राइवर बहस करने लगा। इसके बाद यात्री चुप हो गए, जैसे ही बस ऊपचा गांव के पास पहुंची तो सड़क पानी में डूबी हुई थी। हमने मना किया फिर भी ड्राइवर बस को पानी में डूबी हुई पुलिया से पार कराने लगा। यात्रियों ने उसे ऐसा करने से बार-बार रोका, लेकिन ड्राइवर ने किसी की नहीं सुनी। बस आगे जाकर पलट गई।

बस पलटते ही बच्चे-महिला सहित सभी यात्री चीखने लगे। लोग अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों से निकलने की कोशिश करने लगे। पुलिया के आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी तत्काल लोगों को निकालने में मदद की।