देवास में लिंगानुपात सुधारने की कवायद, बेटियों की कम संख्या वाली 100 ग्राम पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान

देवास में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को रफ्तार देने की कवायद, बेटियों के जन्म पर पंचायतों में उत्सव मनाया जाएगा, माता पिता को बेटियों के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, सुकन्या समृद्धि योजना की जानकारी दी जाएगी

Updated: Aug 12, 2021, 12:51 PM IST

देवास में लिंगानुपात सुधारने की कवायद, बेटियों की कम संख्या वाली 100 ग्राम पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान
Photo Courtesy: Naidunia

देवास। प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को महत्व देने और अपने-अपने जिलों का लिंगानुपात सुधारने के लिए जिला स्तर पर कई कार्यक्रम चलाए जाते रहे हैं। देवास जिले में लिंगानुपात 1000 पुरुषों के मुकाबले 942 महिलाओं का है। अब जिले में कन्या जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के 100 ग्राम पंचायतों में कन्या के जन्म पर उत्सव मनाने की योजना शुरु की जा रही है। इसके तहत बिटिया के जन्म पर उनके माता –पिता का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रमों का आयोजन पचांयतों में किया जाएगा। जिले की 100 ग्राम पंचायतों का चयन कर लिया गया है।

 इस योजना के तहत उन पंचायतों को चुना गया है जहां बेटियों की संख्या बेटों की अपेक्षा कम रहा है। लड़कियों की कम संख्या वाले गांवों में कन्या जन्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। इसी के तहत माता-पिता को बेटियों के जन्म के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के महिला बाल विकास विभाग लोगों को विभिन्न योजनाओं जैसे लाड़ली लक्ष्मी योजना, सुकन्या समृद्धि योजना समेत बच्चियों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी देगा। ताकि किसी गांव में बेटी के जन्म उसे इन योजनाओं का फायदा मिल सके। देवास के महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रोजेक्ट आफिसर रेलम बघेल से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर खास जोर देने की योजना बनाई गई है। दरअसल बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में जिला पंचायत CEO की उपस्थिति में जिला स्तरीय निगरानी समिति और जिला टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर खास तौर पर चर्चा हुई। ताकि जिले का लिंगानुपात सुधारा जा सके।  

कम अनुपात वाले 100 ग्राम पंचायतों में चलेगा अभियान

जिले की उन 100 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिनमें लड़कियों की संख्या लड़कों के अनुपात में कम है। इन पंचायतों में बिटिया के जन्म को बढ़ावा देने के लिए प्लानिंग की गई है। पंचायतों में ग्रामीणों के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ पंचायतों में बेटी जन्म पर उत्सव मनाया जाएगा। वैसे प्रदेश के लिंगानुपात में कमी आई है, कई इलाकों में इसमें सुधार देखा गया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी सुधार की जरुरत है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुकन्या योजना करेंगी प्रमोट

महिला बाल विकास विभाग पोस्ट आफिस के साथ मिलक सुकन्या योजना का भी संचालन कर रहा है। इस कड़ी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गांवों में घर-घर जाकर लोगों को इसके फायदे बताएंगे। साथ ही बताएंगे की बेटियों को कैसे इस योजना से समृद्ध बनाया जा सकता है। इस योजना के तहत जरूरतमंद बेटियों के खाते पोस्टल डिपार्टमेंट खुद खोलकर मदद में जुटा है।  

वन स्टाप सेंटर को भी किया जा रहा प्रमोट

देवास में वन स्टाप सेंटर में आने वाली जरुरतमंद लड़कियों और महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलने वाली सुविधाओं के प्रचार प्रसार की भी चर्चा हुई। ग्रामीण इलाकों की घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं तक वन स्टाप सेंटर की जानकारी भी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।