पूर्व विधायक हरि सिंह नरवरिया का 72 वर्ष की आयु में निधन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जताया शोक

पूर्व विधायक हरि सिंह नरवरिया की हृदय गति रुक जाने से देहांत हो गया, उनके निधन पर राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शोक जताया है।

Updated: Apr 21, 2021, 05:30 PM IST

पूर्व विधायक हरि सिंह नरवरिया का 72 वर्ष की आयु में निधन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जताया शोक
Photo courtesy: bhaskar

भोपाल। मध्यप्रदेश के भिंड ज़िले के महगाव विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिसिंह नरवरिया का हृदयागति रुक जाने से निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरवरिया का अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  गहरा शोक जताया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, "मेहगाँव के पूर्व विधायक श्री हरि सिंह नरवरिया जी के निधन की सूचना मिली है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस पीड़ा को सहने की क्षमता दें।"

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुःख जताते हुए ट्वीट कर कहा कि "भिंड के वरिष्ठ नेता, मेहगांव के पूर्व विधायक श्री हरि सिंह नरवरिया जी के दुःखद निधन पर मेरी गहरी संवेदनाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति दे।"

गौरतलब है कि पूर्व विधायक हरि सिंह नरवरिया के निधन की से मेहगांव व भिंड जिले के राजनेताओं में शोक व्याप्त है।  पूर्व विधायक हरिसिंह का जन्म मेहगांव क्षेत्र के ग्राम सेपुरा में कृषक परिवार हुआ था। उन्होंने बीएससी एग्रीकल्चर में पढ़ाई की। फिर कृषि विभाग में नौकरी कर ली थी। उन्होंने सामाजिक कार्यों से राजनेता, समाजसेवी व जनता का ध्यान आकर्षित कराया था। उन्होंने लोधी समाज के बच्चो की पढ़ाई के लिए देश भर में उल्लेखनीय अभियान चलाया, जिसके चलते वे समाज के शीर्षस्थ नेताओं में शुमार हो गए।

इसके चलते वे तत्कालीन वरिष्ठ कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया के नजदीकी बन गए। सन् 1990 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराव सिंधिया ने उन्हें मेहगांव क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट देकर मैदान में उतारा था। इसके बाद वे चुनाव जीते और विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद वे माधवराव सिंधिया के निज सचिव भी रहे।