Guna Tribal Atrocity: 5 हज़ार का कर्ज़, 3 साल कराई मज़दूरी, फिर भी आदिवासी को ज़िंदा जलाकर मार डाला

पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के इलाके में एक आदिवासी पर कैरोसिन डालकर जलाने का मामला, शिवराज सिंह चौहान पर लगा असंवेदनशीलता का आरोप

Updated: Nov 08, 2020, 11:59 PM IST

Guna Tribal Atrocity: 5 हज़ार का कर्ज़, 3 साल कराई मज़दूरी, फिर भी आदिवासी को ज़िंदा जलाकर मार डाला

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले से आदिवासी उत्पीड़न की दिल दहला देनेवाली खबर आई है। बताया जा रहा है कि महज पांच हजार रुपयों के लिए एक आदिवासी को जिंदा जलाकर मार दिया गया। आरोपी ने मृतक से पांच हज़ार रूपये उधार के बदले तीन साल तक मजदूरी भी करायी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक गुना के बमौरी थाना क्षेत्र अंतर्गत उकावद खुर्द गांव के रहने वाले आदिवासी विजय सहरिया ने गांव के ही दबंग राधेश्याम से तीन साल पहले पांच हजार रुपए उधार लिए थे। इसके बदले राधेश्याम पिछले तीन वर्षों से विजय से जबरन बंधुआ मजदूरी करवा रहा था। बावजूद इसके वह शुक्रवार को विजय से कर्ज के पैसे मांगने लगा। विजय ने जब पैसे देने में असमर्थता जताई तब बीच गांव में मंदिर के सामने राधेश्याम ने उसके शरीर पर कैरोसिन तेल छिड़ककर जिंदा जला दिया। घटना के बाद परिजनों ने जली हुई हालत में उसे बमौरी अस्पताल में दाखिल कराया,  जहां देर रात उसे मृत घोषित कर दिया गया। 

एमपी के पंचायत मंत्री के क्षेत्र की घटना

यह घटना शिवराज सरकार में पंचायत मंत्री का कार्यभार संभाल रहे महेंद्र सिंह सिसोदिया के विधानसभा इलाके की है। लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने जिस तरह इस घटना पर असंवेदनशीलता दिखाई है, उससे सरकार के खिलाफ रोष है। मामले पर बंधुआ मुक्ति मोर्चा ने कड़ा विरोध जताया है और श्रम मंत्रालय से लेकर मानवाधिकार आयोग व अन्य जगहों पर शिकायत कर जांच की मांग की है।

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सीएम ने हत्या को बताया मृत्यु

हैरान करने वाली बात यह है कि मानवता को शर्मसार करने वाली इस विभत्स घटना को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृत्यु करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि, 'कल गुना ज़िले के बमोरी में एक गरीब सहरिया भाई की जलकर मृत्यु हुई। मैंने इसकी जाँच के निर्देश दिए हैं।' घटना को सामान्य मृत्यु मानने पर कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने लिखा है कि मृतक ने अपनी मौत से पहले जारी किए वायरल वीडियो में भी आरोपी के नाम का जिक्र किया है और इसी आधार पर पुलिस ने घटना को हत्या मानकर आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री इस दर्दनाक हत्या को हादसा बता रहे हैं। 

 

 

कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने आगे कहा है कि, 'दबंग के द्वारा एक आदिवासी युवक को जलाकर मारने की घटना पर सीएम को अभी भी विश्वास नहीं है इसीलिए वो इस विभत्स हत्या को मृत्यु बता रहे हैं। इसी से एक गरीब, कमजोर, आदिवासी युवक के साथ हुई दर्दनाक घटना पर सीएम व सरकार की संवेदनशीलता को समझा जा सकता है।'

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कानून व्यवस्था जंगल राज में परिवर्तित

मामले पर राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज को कठघरे में खड़ा किया है। पूर्व सीएम ने कहा है कि, 'शिवराज सरकार में आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं, मध्यप्रदेश में भाजपा राज में कानून व्यवस्था जंगलराज में परिवर्तित हो गयी है, जो बेहद चिंताजनक है।' वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस खबर को साझाकर ट्वीट किया है कि शिवराज की सत्ता हवस ने मध्य प्रदेश को क्या से क्या बना दिया।