घायल क्लर्क ने अस्पताल में भी नहीं छोड़ी घूसख़ोरी, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

ग्वालियर में राजस्व विभाग का क्लर्क 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई, जमीन के नामांतरण के बदले ले रहा था रकम

Updated: Mar 03, 2021, 05:10 PM IST

घायल क्लर्क ने अस्पताल में भी नहीं छोड़ी घूसख़ोरी, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
Photo Courtesy: Naidunia

ग्वालियर। जान जाए पर रिश्वत ना जाए, ऐसा ही वाकया ग्वालियर में देखने को मिला। जहां एक तहसील कार्यालय का क्लर्क घायल होने के बाद भी घूस का मोह नहीं छोड़ पाया और अस्पताल में ही रिश्वत की रकम लेते पकड़ा गया। आरोपी क्लर्क श्रीकृष्ण बोहरे को जमीन के नामांतरण के एवज में 20 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया गया है। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने फरियादी हरिसिंह राणा की शिकायत पर कार्रवाई की है।

फरियादी की भिंड जिले की मौ तहसील में जमीन है, जिसके नामांतरण के लिए क्लर्क ने 30 हजार की रकम मांगी थी। रिश्वत की पहली किस्त 20 हजार ली जा रही थी। बाकी रुपए काम होने के बाद देने की बात हुई थी। रंगे हाथ पकड़े जाने पर आरोपी क्लर्क श्रीकृष्ण बोहरे ने लोकायुक्त के सामने सफाई दी कि हरिसिंह राणा ने उससे रुपए उधार लिए थे, जिसे चुकाने के लिए वह पैसे दे रहा है।

दरअसल बाबू श्रीकृष्ण ग्वालियर का निवासी है। उसकी पोस्टिंग भिंड तहसील कार्यालय में है। मंगलवार को आरोपी क्लर्क मौ तहसील से ग्वालियर जा रहा था, तभी वहां उसका एक्सिडेंट हो गया। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। उसकी आंख और हाथ में चोट आई है। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी आरोपी क्लर्क ने पैसे लेने के लिए फरियादी हरिसिंह राणा को बुधवार को सिटी सेंटर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में बुला लिया। जैसे ही आरोपी क्लर्क ने फरियादी से रकम ली, वहां पहुंची लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया।

बताया जा रहा है कि फरियादी हरिसिंह राणा के पिता ने अपने बेटों के नाम पर जमीन के लिए वसीयत की थी। हरिसिंह के भाई की आपत्ति के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा था। जिसके बाद सिविल कोर्ट ने हरिसिंह के पक्ष में फैसला दिया। वसीयत के दस्तावेज के अनुसार अब राजस्व में उसका नाम दर्ज किया जाना था। इसी जमीन के नामांतरण के लिए मौ तहसील कार्यालय का क्लर्क श्रीकृष्ण बौहरे हरिसिंह राणा से 30 हजार की रकम मांग रहा था।

फरियादी हरिसिंह ने मामले की शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त से की। जिसके बाद अफसरों ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। श्रीकृष्ण बौहरे मंगलवार को ही पैसे लेने वाला था, लेकिन इस बीच उसका एक्सिडेंट हो गया। पैसे का इतना लालच कि उसने फरियादी को अगले दिन अस्पताल में ही रिश्वत लेने के लिए बुला लिया। श्रीकृष्ण बौहरे ने जैसे ही घूस के 20 हजार रुपए हाथ में लिए, लोकायुक्‍त की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।