नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच MP में सॉन्ग पॉलिटिक्स, विजयवर्गीय और सीएम शिवराज ने गाया ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को भोपाल प्रवास पर थे, उन्होंने भुट्टा पार्टी आयोजित किया था, इस दौरान विजयवर्गीय ने सीएम शिवराज के साथ हाथ मिलाकर गाया गाना

Updated: Aug 12, 2021, 12:56 PM IST

नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच MP में सॉन्ग पॉलिटिक्स, विजयवर्गीय और सीएम शिवराज ने गाया ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सीएम शिवराज और कैलाश विजयवर्गीय का सॉन्ग पॉलिटिक्स देखने को मिला है। बीजेपी के दोनों नेता कल एक कार्यक्रम में शोले फ़िल्म की मशहूर गीत 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे...' गाते दिखे। हालांकि, प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच कभी वैसी दोस्ती ही नहीं रही, जैसी वे दिखाना चाह रहे थे।

दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को भोपाल प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने शाम को भुट्टा पार्टी का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में पक्ष-विपक्ष के तमाम नेता, पत्रकार और नौकरशाहों को बुलाया गया था। इस पार्टी में सीएम शिवराज, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।

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भुट्टा पार्टी की खास बात ये रही कि कैलाश विजयवर्गीय के अनुरोध पर सीएम शिवराज गाना गाने के लिए राजी हो गए। फिर क्या था शिवराज ने विजयवर्गीय का हाथ पकड़ा और दोनों ने 'ये दोस्ती, हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे दम मगर, तेरा साथ न छोड़ेंगे' गीत गाकर समा बांध दिया। इतना ही नहीं इसके बाद दोनों नेताओं ने 'हमें तुमसे प्यार कितना, ये हम नहीं जानते, मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना' गीत को भी गाया। 

भुट्टा पार्टी के दौरान इस गायकी को सियासी रूप से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, विजयवर्गीय ने दिन में बीजेपी के कुछ मंत्रियों और कुछ पूर्व मंत्रियों से मुलाकात की थी, जो कथित तौर पर सीएम से नाराज बताए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अलग मुलाकात की और फिर भुट्टा पार्टी में गाना गाया। चूंकि, पार्टी में सीएम शिवराज की कुर्सी के लिए सबसे बड़ा खतरा माने जाने वाले नरोत्तम मिश्रा भी वहां मौजूद थे, ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने मिश्रा को स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है कि वे दोनों एकसाथ हैं। 

बता दें कि कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद अब मध्य प्रदेश पर सबकी निगाहें हैं। प्रदेश में भी नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं जोरशोर से हो रही है। पिछले कुछ समय से सीएम शिवराज का बार-बार दिल्ली जाना भी इस ओर ही इशारा कर रहा था। माना जा रहा था कि सीएम पद की दौड़ में नरोत्तम मिश्रा सबसे आगे चल रहे थे। हालांकि, अब इस सॉन्ग पॉलिटिक्स ने कयासों की दिशा मोड़ दी है।