MPYC चीफ डॉ विक्रांत भूरिया पर अशांति फैलाने के आरोप में FIR, भारी पड़ी BJP सांसद की आलोचना 

बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर की आलोचना करना एमपी यूथ कांग्रेस को पड़ा भारी, झाबुआ पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

Updated: May 05, 2022, 06:54 PM IST

MPYC चीफ डॉ विक्रांत भूरिया पर अशांति फैलाने के आरोप में FIR, भारी पड़ी BJP सांसद की आलोचना 

झाबुआ। मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया को बीजेपी सांसद की आलोचना करना भारी पड़ गया है। झाबुआ पुलिस ने सांसद के निज सचिव की शिकायत पर भूरिया व अन्य के खिलाफ आतंक फैलाने जैसे गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार चाहे जितनी साजिश कर ले, हम डरने वाले नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक झाबुआ के बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर के सचिव सागर सिंह रावत की शिकायत पर झाबुआ कोतवाली पुलिस ने प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है पुलिस ने IPC की धारा 505 (1)(B), 120B, 490 एवं 500 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके साथ युवक कांग्रेस आलीराजपुर जिलाध्यक्ष दीपक भूरिया को भी आरोपी बनाया गया है। 

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पुलिस ने युवा नेता के खिलाफ जिस गैर जमानती धारा 505 (1)(B) के तहत मामला दर्ज किया है वह उन मामलों से संबंधित है "जिसमें कोई व्यक्ति कोई ऐसी फेक न्यूज फैलाता है जिसके चलते आम जनता में अशांति फैलती है या समाज में अपराध को बढ़ावा मिलता है। जिसमें आतंक का माहौल बन जाए। जिसकी वजह से कोई व्यक्ति समाज या राज्य के खिलाफ कोई अपराध करने को प्रेरित हो जाए।" अपराध साबित होने पर इस धारा में 3 साल तक जेल या जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं। 

मामले पर विक्रांत भूरिया ने कहा कि, 'मुझ पर जो षडयंत्र पूर्वक 505 IPC की राज्य के विरुद्ध अपराध की FIR की गई है, उससे मैं डरने वाला नहीं हूं, और BJP की आरक्षण विरोधी आदिवासी विरोधी सोच का पर्दाफाश करता रहूंगा और सत्य और समाज की लड़ाई लड़ता रहूंगा चाहे जेल ही क्यों न जाना पड़े। अगर सही में BJP आदिवासी हितैषी है तो सिवनी में 2 आदिवासी भाइयों की मॉब लिंचिंग के आरोपियों को सज़ा देने की हिम्मत जुटाए और उनके घर पर बुलडोजर चला कर दिखाए।'

दरअसल, बीते 30 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें झाबुआ सांसद गुमान सिंह डामोर आरक्षण हटाने की बात कह रहे थे। डॉ भूरिया ने वीडियो पोस्ट करते हुए पूछा था कि क्या सीएम शिवराज इसका समर्थन करते हैं। वहीं बीजेपी का दावा है कि वह वीडियो एडिटेड है।