इंदौर में दूषित पानी से 23 वीं मौत, हाईकोर्ट ने नगर निगम से जवाब तलब किया, आज होगी सुनवाई

स्वच्छता में अव्वल इंदौर में दूषित पानी के कांड ने भयावह रूप ले लिया है। सीवर मिला पानी पीने से 23 मौतें हो चुकी हैं। मामले पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

Updated: Jan 12, 2026, 02:33 PM IST

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर  में दूषित पानी से जुड़ा कांड लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में इस संकट से अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ताजा मामला इमली गली का है जहां रहने वाले भगवान भारने (65 वर्ष) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे शेल्बी अस्पताल में भर्ती थे।

इंदौर में दूषित पानी का यह मामला 29 दिसंबर को तब सुर्खियों में आया जब भागीरथपुरा में 100 से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए। जांच में सामने आया कि इलाके की सप्लाई लाइन में सीवर का दूषित पानी मिल गया है। जिसके बाद उल्टी-दस्त और गंभीर संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में पहली मौत 21 दिसंबर को हुई थी लेकिन समय के साथ मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।

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इसी बीच इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई होना तय है। याचिका में प्रभावित इलाके में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अदालत ने इस मामले में इंदौर नगर निगम से जवाब तलब किया है जिससे प्रशासन की जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। इलाके के रहवासी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं और यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टंकियों से नियमित जलापूर्ति कब शुरू होगी। नगर निगम का दावा है कि रोजाना पानी की सैंपलिंग और टेस्टिंग की जा रही है लेकिन इसके बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।

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इससे पहले एक अन्य मौत ने प्रशासनिक आंकड़ों पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। मृतका की पहचान कमला बाई (59), पति तुलसीराम के रूप में हुई थी। बीते दिनों से उल्टी-दस्त से पीड़ित कमला बाई को 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 9 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कमला बाई और उनके पति मजदूरी कर जीवन यापन करते थे और करीब 20 दिन पहले ही जीवन की फेल से भागीरथपुरा आकर रहने लगे थे।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने इंदौर की साफ-सफाई की राष्ट्रीय छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि पुलिस चौकी के पास स्थित सीवर लाइन का पानी सप्लाई पाइपलाइन में मिल गया था। जबकि, स्थानीय लोग कई महीनों से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे थे।

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मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन भी किया है। इसी कड़ी में रविवार को पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने विशाल न्याय यात्रा निकाली। इस न्याय यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक जयवर्धन सिंह समेत तमाम दिग्गज शामिल थे।

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