MP By Poll 2020: ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरुद्ध प्रचार करेंगे सचिन पायलट

Sachin Pilot: कांग्रेस के लिए सचिन पायलट पार्टी के प्रति निष्ठा का प्रतीक, सचिन पायलट के प्रचार करने से सिंधिया गद्दार है का नारा अधिक तेजी से होगा बुलंद

Updated: Sep-22, 2020, 03:33 PM IST

MP By Poll 2020: ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरुद्ध प्रचार करेंगे सचिन पायलट
Photo Courtsey : ABP news

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा की 27 सीटों के लिए होने वाले उपचुनावों में सचिन पायलट कांग्रेस के स्टार प्रचारक होंगे। वे कांग्रेस के बागी और अब बीजेपी से राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ प्रचार करेंगे। राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट का गुर्जर समाज में अच्छा प्रभाव है और एमपी के उपचुनाव में 27 में से 9 सीट गुर्जर बहुल है। कांग्रेस को उम्मीद है कि सचिन पायलट के प्रचार करने से इन 9 सीटों के अलावा भी दूसरी सीटों पर उसे फायदा होगा। वह गद्दार बनाम विचारधारा का मुद्दा अधिक ताक़त से उठा पाएगी।  

सचिन पायलट के मध्य प्रदेश उपचुनाव में प्रचार करने की कई दिनों से चल रही खबरों पर रविवार को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने मुहर लगा दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट से कांग्रेस का प्रचार करने का आग्रह किया था। पायलट ने इसके लिए तुरंत सहमति भी दे दी है।

पार्टी की योजना है कि वह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशियों के लिए सचिन पायलट से चुनाव प्रचार करवाएगी। यह क्षेत्र राजस्थान सीमा से लगा हुआ है और इसी क्षेत्र में गुर्जर बाहुल्य भी है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी गुर्जर मतदाता है अधिक संख्या में हैं। पायलट के चुनाव प्रचार करने से कांग्रेस को गुर्जर मतदाताओं का समर्थन मिलने की आस है। 

पायलट ने जुलाई में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी और सिंधिया की तर्ज पर उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा होने लगी थी। हालांकि, बाद में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद पायलट अपनी पार्टी कांग्रेस में वापस लौट आए। यही कारण है कि पार्टी से गद्दारी को उपचुनाव का मुद्दा बना रही कांग्रेस के लिए सचिन पायलट तमाम मतभेद के बाद पार्टी के प्रति आस्था और निष्ठा का प्रतीक हैं। वे जब प्रचार के लिए उतरेंगे तो सिंधिया ग़द्दार है का नारा अधिक तेजी से बुलंद किया जा सकेगा।