जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे संगठन चला रहे, क्रिकेट संघों में पूर्व खिलाड़ियों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव पर बॉम्बे हॉई कोर्ट ने रोक लगा रखी है। इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट संघों को पूर्व क्रिकेटरों को चलाना चाहिए।

Updated: Feb 04, 2026, 12:28 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेट संघों के प्रबंधन में पूर्व खिलाड़ियों की अनदेखी पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खेल संस्थाओं का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए, जो खेल को समझते हों। क्रिकेट संघों में रिटायर्ड क्रिकेटरों को जगह मिलनी चाहिए, न कि ऐसे लोगों को जो बैट तक पकड़ना नहीं जानते। 

भारत के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने मंगलवार (3 फरवरी) को महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के चुनाव पर रोक के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया। ये चुनाव 6 जनवरी को होने थे, लेकिन उनमें भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप लगे थे।

सुनवाई के दौरान CJI ने MCA की सदस्यता में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाया। कोर्ट ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 1986 से 2023 तक एसोसिएशन में 164 सदस्य थे, लेकिन इसके बाद अचानक बड़ी संख्या में नए सदस्य जोड़ दिए गए।

CJI ने पूछा कि इतने सालों में सीमित सदस्य और फिर अचानक ‘बंपर ड्रॉ’ कैसे हो गया। उन्होंने कहा- अगर सदस्य संख्या 300 तक बढ़ानी थी तो उसमें नामी और रिटायर्ड अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया जाना चाहिए था।

MCA और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति ने प्रक्रिया देखी थी और कुछ आवेदनों को खारिज भी किया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि चैरिटी कमिश्नर ने बिना कैबिनेट से सलाह लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया।

मामला तब शुरू हुआ जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा नेता केदार जाधव ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 401 नए सदस्यों को जोड़कर वोटर लिस्ट में हेरफेर की गई। याचिका में कहा गया कि इनमें से कई लोग NCP-SP विधायक रोहित पवार के रिश्तेदार या कारोबारी सहयोगी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी और सभी आपत्तियां बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखने को कहा। कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले का जल्द फैसला करने का अनुरोध किया। भारत के टॉप-5 राज्य क्रिकेट संघों की बात करें तो इनमें से सिर्फ दो ऐसे हैं, जिनकी कमान पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के हाथ में है। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं।