मध्यप्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 25 जनवरी से 20 फरवरी तक होगा रजिस्ट्रेशन

रबी फसल के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आरंभ, जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं, आधार, बैंक खाता या, मोबाइल नंबर में परिवर्तन होने पर करवा सकेंगे संशोधन, मार्च में होगी 1975 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी

Updated: Jan 25, 2021, 05:33 PM IST

मध्यप्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 25 जनवरी से 20 फरवरी तक होगा रजिस्ट्रेशन
Photo Courtesy: The Hindu

भोपाल। मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। 25 जनवरी से 20 फरवरी तक किसान रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। पंजीयन केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन के साथ  संशोधन भी करवाया जा सकेगा। अगर किसी किसान के आधार नबंर, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नबंर में किसी तरह का परिवर्तन हो तो वे अपना डाटा संशोधित करवा सकते हैं। वहीं वन पट्टाधारी और बटाईदार किसानों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन की जगह पंजीयन केंद्रों पर जाकर होगा। इसके वेरीफिकेशन की जिम्मेदारी तहसीलदारों को सौंपी गई है।

जिन किसानों ने अब तक कभी भी रबी विपणन और खरीफ विपणन में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, उन्हें समिति स्तर पर रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर और निर्धारित प्रारूप में एप्लीकेशन पंजीयन केंद्र पर जमा करानी पड़ेगी। फिलहाल केंद्र सरकार ने सेंट्रल पूल की धान नहीं उठवाई है, जिससे गोदामों में जगह नहीं है, प्रदेश सरकार ने केंद्र से मांग की है कि सेंट्रल पूल की धान उठवा ली जाए। गोदामों के खाली होने के बाद मार्च से गेहूं की खरीदी की जाएगी। इस साल गेहूं की अच्छी खरीदी होने उम्मीद है। इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य 1,975 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। प्रदेश में इस बार करीब 98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं बोया गया है।

खरीदी केंद्रों पर किसानों के परेशानी का सामान नहीं करना पड़े। अकेले भोपाल में ही 31 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अधिकारियों को ताकीद की है कि गेहूं खरीदी में किसानों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। रबी फसल की खरीदी को लेकर मॉनीटरिंग का इंतजाम किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में खरीफ के मौसम में 40 लाख टन धान की खरीदी हुई है। 1975 रुपए प्रति क्विंटल दाम रखा गया है।