MP में कुदरत का कहर, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी-बारिश ला दी। बैतूल और ग्वालियर में ओलों से फसलें बर्बाद हुई।

Updated: Apr 05, 2026, 11:50 AM IST

मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक तीखा रुख अपना लिया है। बैतूल और ग्वालियर समेत कई जिलों में भारी ओलावृष्टि हुई। जबकि सिवनी और रीवा में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने भोपाल और ग्वालियर सहित 45 जिलों में अगले 24 घंटे के लिए तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।

मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम को बताया जा रहा है। जिनके सक्रिय होने से पूरे प्रदेश में अस्थिरता बनी हुई है। शनिवार को ग्वालियर और बैतूल के मुलताई क्षेत्र में तेज ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। वहां कुछ देर में ही सड़कों पर ओलों की सफेद परत जम गई थी। कई जगह हालात ऐसे बने जैसे बर्फबारी हुई हो।

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिला था। सतना में बारिश हुई थी। जबकि, नर्मदापुरम और नरसिंहपुर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। सिवनी में रिमझिम बारिश और मुरैना में हल्की फुहारें पड़ीं थी। वहीं, सीहोर समेत कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं थी। जिनकी रफ्तार 41 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी।

इस खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। रायसेन, बैतूल और श्योपुर सहित कई जिलों में गेहूं और सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से जमीन पर गिर गई। जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

अगर जिलों के हिसाब से हालात देखें तो बैतूल में करीब 25 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जिससे गेहूं और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गई। मुलताई क्षेत्र में भी करीब 20 मिनट तक ओले गिरते रहे। जिससे कई गांवों में नुकसान हुआ। श्योपुर में गेहूं की फसल पूरी तरह बिछ गई। जबकि, मुरैना के कुछ इलाकों में कुछ मिनटों तक ओले गिरे। इटारसी और तवानगर में चने के आकार के ओले गिरे और सड़कों पर पानी भर गया। धार जिले के मनावर में आधे घंटे तक चली आंधी-बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। दतिया के वेदा क्षेत्र में तेज हवा के साथ ओले गिरे। जबकि, सीहोर के श्यामपुर में बारिश दर्ज की गई और रतलाम में बादल छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चली थी।

इस बीच सिवनी और रीवा में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सिवनी में छह साल के एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि, रीवा में महुआ बीनने जंगल गए भाई-बहन की जान चली गई।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के करीब 20 जिलों में आंधी और बारिश का असर रहा है। इनमें खरगोन, अशोकनगर, सीहोर, बैतूल, नर्मदापुरम, विदिशा, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, कटनी, जबलपुर, बालाघाट, सतना, मैहर और रीवा शामिल हैं। बैतूल और पन्ना में ओले गिरे। जबकि, कई जिलों में तेज हवाएं चली थी। सागर और चित्रकूट में हवा की गति 33 किलोमीटर प्रति घंटा, मुरैना में 31 किलोमीटर और बैतूल-रीवा में 26 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई थी।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। 7 अप्रैल तक कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। जबकि, अन्य क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।