चंदा चोरों को बचाने में जुटे हैं पीएम नरेंद्र मोदी, राम मंदिर मामले पर दिग्विजय सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि RSS और विहिप का धर्म और धार्मिक व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है। उनका असली उद्देश्य जमीन हड़पना और संस्थानों पर कब्जा जमाना है।
उज्जैन। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बीजेपी और RSS की चौतरफा फजीहत हो रही है। इस घटना को लेकर देशभर में रामभक्तों में आक्रोश है। राम मंदिर से आभूषण और नगदी चोरी के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चंदा चोरों को बचाने में जुटे हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उज्जैन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं शुरू से कहता आया हूँ कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का धर्म या किसी धार्मिक व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है। उनका असली उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना है। उनकी प्राथमिकता अधिक से अधिक ज़मीन हड़पना और संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करना है। वे चरित्र और नैतिकता की बातें करते हैं, लेकिन उनसे अधिक भ्रष्ट संगठन या समूह आपको नहीं मिलेगा। ये ऐसे संगठन हैं जिनका न तो कोई पंजीकरण है, न औपचारिक सदस्यता, और न ही इन पर कोई कानून लागू होता है। ये ‘गुरु दक्षिणा’ के नाम पर मिलने वाले चंदे पर भी टैक्स भी नहीं देते।'
दिग्विजय सिंह सवाल उठाते हुए कहा कि आख़िर इस व्यवस्था ने ऐसे संगठन को इतना शक्तिशाली कैसे बनने दिया कि आज वह धीरे-धीरे लगभग सभी संस्थानों पर ये अपना नियंत्रण स्थापित करता जा रहा है? उन्होंने कहा कि मैं शुरू से संत-महात्माओं और धर्मगुरुओं से कहता आया हूं, यहाँ तक कि हमारे आदि गुरु शंकराचार्य जी से भी कहा कि इनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। इनका एकमात्र उद्देश्य आपके संगठनों और सभी मठों तथा मंदिरों पर कब्जा करना चाहते हैं। और आज आप देख रहे हैं कि जिसकी मैंने चेतावनी दी थी, वही धीरे-धीरे सच साबित हो रहा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि चंपत राय उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और शुरू से RSS से जुड़े हैं। बहुत सादगी से रहने का नाटक करते हैं लेकिन उनसे बड़ा भ्रष्ट और बेईमान कोई नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक साढ़े बारह करोड़ लोगों ने राम मंदिर के लिए चंदा दिया। एक परिवार में पांच लोग भी जोड़ें तो लगभग 70 करोड़ हिंदुओं ने चंदा दिया। हमने भी चंदा दिया। हमारा तो राघोगढ़ का नाम ही राम जी पर रखा गया है, जहां 24 घंटे द्वीप प्रज्वलित होता है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए चंदा दिया और चांदी की शिला भी दी। लेकिन उन्हें उसकी रसीद नहीं मिली। सिंह ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के कार्यकाल में
राम मंदिर के द्वारा खुले और नरसिम्हा राव ने फैसले लिया कि वे मंदिर का जमीन ट्रस्ट को सौंपेंगे। उन्होंने निर्णय लिया था कि ट्रस्ट में विहिप का कोई सदस्य नहीं होगा। उसमें स्थापित सनातन धर्म के गुरु और धर्माचार्य ही सदस्य होंगे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इसके लिए रामालय ट्रस्ट का गठन किया गया जिसमें उनके गुरु ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज जी सबसे वरिष्ठ थे। उस ट्रस्ट में रामानंदी संप्रदाय के प्रमुख राम नरेश आचार्य जी भी सदस्य थे। सिंह के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को जब पता चला कि वे स्वरूपानंद जी के शिष्य हैं तो प्रधानमंत्री ने उन्हें ही स्वरूपानंद जी को ट्रस्ट में शामिल होने के लिए मनाने की जिम्मेदारी सौंपी। इस तरह रामालय ट्रस्ट का गठन हुआ और उसका अध्यक्ष स्वरूपानंद जी बने। कांची और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य भी इसके सदस्य थे।
सिंह ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीएम मोदी ने जानबूझकर मंदिर निर्माण का कार्य रामालय ट्रस्ट को देने की बजाए नए ट्रस्ट का गठन किया। उन्होंने कहा कि इसलिए इस पूरे चोरी की जवाबदारी पीएम मोदी की है। सिंह ने पूछा कि आखिर 28 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि चंपत राय और उनके लोगों ने जमीन खरीदी में भ्रष्टाचार किया, चंदा में भ्रष्टाचार, सिंधी समाज ने दो सौ किलो चांदी की शिलाएं दी उसमें भ्रष्टाचार किया, महिलाओं ने जेवर दिए उसमें भ्रष्टाचार किया यहां तक कि विदेशों से जो चंदा आया तो उसमें भी घोटाला किया गया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि RSS और विहिप का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं बल्कि ये सिर्फ सनातनियों को ठग रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी को सनातन धर्म के साथ सबसे बड़ी गद्दारी करार दिया। सिंह ने पूछा कि आखिर आरोपियों का पुलिस ने रिमांड क्यों नहीं लिया? उन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर क्यों भेजा गया? उन्होंने आरोप लगाया कि RSS चीफ मोहन भागवत के कहने पर पीएम मोदी और शाह उन सभी आरोपियों को बचाने में लगे हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने मोहन यादव और उनके परिजनों द्वारा भूमि खरीदने के मामले पर कहा कि इसमें भी षडयंत्र हुआ है। उन्होंने कहा कि "इंडियन एक्सप्रेस" अखबार में जो खबर छपी है वो बगैर पीएम मोदी या गृहमंत्री अमित शाह की सहमति के नहीं छपी। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा राम मंदिर की लूट का है। सिंह ने यह भी कहा कि अयोध्या की तरह महाकाल मंदिर पर भी विहिप और RSS ने कब्जा कर लिया है। सिंह ने कहा कि ये लोग (RSS और विहिप) सनातन धर्म का विनाश कर रहे हैं और सनातनियों को धोखा दे रहे हैं।




