Rain in Bhopal: भोपाल में बारिश से मौसम हुआ सुहाना

Weather Updates: प्रदेश के कई शहरों में जोरदार बारिश का दौर फिर शुरू, भोपाल, इंदौर, देवास, दमोह और सिवनी में बारिश के बाद गर्मी से मिली राहत

Updated: Sep 11, 2020 12:03 AM IST

Rain in Bhopal: भोपाल में बारिश से मौसम हुआ सुहाना

भोपाल। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, देवास, दमोह और सिवनी समेत आस-पास के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। भोपाल में हुई बारिश से शहर का मौसम सुहाना हो गया। फिजा में ठंडक घुल गई है। बीते दिनों बारिश नहीं होने से तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा था। गुरुवार शाम अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ। आसमान में बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर रिमझिम बारिश शाम तक जारी रही।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 24 घंटे में भोपाल, जबलपुर, होशंगाबाद संभाग के जिलों और दमोह, सागर, सतना, रीवा, देवास, उज्जैन, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानुपर, आलीराजपुर और बड़वानी में गरज चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।

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भोपाल में बदल गया है बारिश का ट्रेंड

मध्यप्रदेश के मौसम विभाग ने माना है कि पिछले पांच साल में प्रदेश में दिन की बजाए रात में ज्यादा बरसात हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह परिवर्तन तापमान में बढ़ोतरी की वजह से होता है। हर साल मानसून के सीजन के दौरान 1 जून से 30 सितंबर के बीच सामान्यत: जुलाई और अगस्त में सबसे ज्यादा पानी बरसता है। कभी कभार ही जून और सितंबर में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज होती है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले पांच साल में भोपाल बारिश का ट्रेंड बदला है। आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि भोपाल में दिन के बजाए रात में अच्छी वर्षा दर्ज होती रही है।

पांच साल में भोपाल में दिन और रात में हुई बारिश 

•      2015  दिन में  421.6 मिमी

•      2015 रात में 541.8 मिमी

•      2016 दिन 375 .4 मिमी

•      2016 रात 936.6 मिमी

•      2017 दिन 214.9 मिमी

•      2017 रात 338.5 मिमी

•      2018 दिन 349.2 मिमी

•      2018 रात 352.2 मिमी

•      2019 दिन 363.7 मिमी

•      2019 रात890.2 मिमी

•      2020 दिन 309.0 मिमी

•      2020 रात 871.8 मिमी

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दिन में तापमान रात की अपेक्षा अधिक होता है। वातावरण में नमी भरपूर होती है। जिससे तापमान बढ़ते ही शाम के वक्त गरज-चमक के बादल बन जाते हैं। और ये बादल शाम से ही बरसना शुरू कर देते हैं। अक्सर रात का तापमान कम रहता है। जिससे दिन में तैयार हुआ वाष्प पानी में बदलने लगता है। मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला का कहना है कि वातावरण में ठंडक होने से वातावरण में वाष्प धारण क्षमता कम होती जाती है। इससे रात में ज्यादा बरसात होती है।