बंगला अलॉट होने के 24 दिन बाद सिंधिया का गृह प्रवेश, पूरी हुई 18 साल पुरानी मुराद

ज्योतिरादित्य सिंधिया को भोपाल के श्यामला हिल्स में B-5 नंबर का बंगला मिला है, उमा भारती के पड़ोसी होंगे सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बंगला भी पास में ही है

Updated: Feb 14, 2021, 03:03 PM IST

बंगला अलॉट होने के 24 दिन बाद सिंधिया का गृह प्रवेश, पूरी हुई 18 साल पुरानी मुराद

भोपाल। राज्यसभा सांसद व बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजधानी भोपाल में बंगला अलॉट होने के 24 दिन आज सुबह गृहप्रवेश किया। करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भोपाल में मिले बंगले के बाहर सिंधिया के समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। दो दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर आए सिंधिया के साथ उनके दोनों चहेते मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट मौजूद रहे।

सिंधिया के गृहप्रवेश के साथ ही अब कहा जाने लगा है कि उनका बंगला B-5 अब मध्य प्रदेश की सियासत का एक नया केंद्र बनेगा। करीब डेढ़ एकड़ में फैला सिंधिया का यह बंगला श्यामला हिल्स पर स्थित है। खास बात यह है कि सिंधिया का यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बंगले के ठीक बगल में है। उमा भारती B-6 नंबर के बंगले में रहती हैं। सिंधिया के नए निवास और दिग्विजय सिंह के बंगले के बीच में तीन बंगलों की दूरी है।

18 साल के लंबे इंतजार के बाद मिला बंगला

राजधानी भोपाल में सिंधिया को आपने राजनीतिक जीवन के करीब 18 साल इंतजार के बाद यह बंगला मिला है। करीब तीन साल पहले जब सिंधिया गुना लोकसभा क्षेत्र से सांसद थे और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान थे, तब सिंधिया ने भोपाल में सरकारी बंगला मांगा था। लेकिन उनका आवेदन करीब छह माह तक लंबित रहा। उस दौरान सिंधिया विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे और वे अपना बेस कैंप भोपाल को बनाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें बंगला नहीं दिया। 

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साल 2018 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में जब कमलनाथ की सरकार बनी तब भी सिंधिया ने सरकारी बंगला लेने प्रयास किया था, लेकिन 2019 में लोकसभा चुनाव हार जाने की वजह से उन्हें बंगला नहीं मिल पाया। बल्कि लोकसभा चुनाव हारने के बाद मोदी सरकार ने सिंधिया का दिल्ली के 27 सफदरजंग रोड वाला सरकारी बंगला भी जुलाई 2019 में खाली करा लिया था। भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और विधायकों को वरीयता के आधार पर बी और सी टाइप बंगले अलॉट किए जाते हैं। ये बंगले 1 से 1.50 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। राजधानी में बी टाइप बंगलों की संख्या 105 है, जबकि 61 सी टाइप बंगले भी भोपाल में हैं।