मध्य प्रदेश में 31 मार्च तक बंद रहेंगे 8वीं तक के स्कूल, शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए शिवराज सरकार का फ़ैसला, कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों का आगामी सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा

Updated: Dec 05, 2020, 02:29 PM IST

मध्य प्रदेश में 31 मार्च तक बंद रहेंगे 8वीं तक के स्कूल, शिवराज सरकार का बड़ा फैसला
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भोपाल। मध्‍य प्रदेश की शिवराज सरकार ने फैसला लिया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर नर्सरी से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं 31 मार्च, 2021 तक बंद रहेंगी। सीएम शिवराज ने बताया है कि मध्‍य प्रदेश में आठवीं तक के छात्रों का नया सत्र एक अप्रैल से ही शुरू हो पाएगा। हालांकि, स्‍कूल एक अप्रैल को भी खुलेंगे या नहीं, यह कोरोना संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा।

दरअसल, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार शाम स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस दौरान शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी शामिल थे। बैठक में सीएम शिवराज ने कहा कि राज्य में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाना है, जिससे यहां की शिक्षा सर्वोत्तम हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन के लिए शिक्षाविदों की एक समिति बनाई जाए। साथ ही देश के अन्य राज्यों की शिक्षा पद्धति का अध्ययन कर प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पद्धति लागू की जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज ने इस दौरान बताया कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं ली जाएंगी तथा इनकी कक्षाएं शीघ्र प्रारंभ होंगी। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य सावधानियों का पूरा पालन किया जाएगा। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों को सप्ताह में 1 या 2 दिन स्कूल बुलवाया जाएगा। सीएम के निर्देश के मुताबिक मुताबिक नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल अब नए शैक्षणिक सत्र यानी एक अप्रैल 2021 से शुरू होंगे। इन छात्रों की परीक्षाएं भी नहीं ली जाएंगी। सिर्फ प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा।

साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जिस अवधि में निजी स्‍कूल बंद रहे हैं, वे उस अवधि के लिए ट्यूशन फीस को छोड़कर अन्‍य शुल्‍क न लें। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर की एक नई पॉलिसी बनाने पर भी चर्चा हुई। इस पॉलिसी के तहत जो शिक्षक लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, उन्हें बड़े स्थानों पर और शुरुआत में सभी की पोस्टिंग कुछ सालों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में करने की योजना है।