कोरोना काल में हुए 3 हज़ार से ज़्यादा तबादलों पर आक्रामक हुई कांग्रेस, कहा गिनीज़ बुक में दर्ज हो शिवराज सरकार का नाम

शिवराज सरकार ने सत्ता में आने के बाद कुल 303 दिनों में 3 हज़ार से ज़्यादा तबादले किए हैं, अकेले पंचायत एवं ग्रामीण विभाग में 500 अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है

Updated: Jan 21, 2021, 02:57 PM IST

कोरोना काल में हुए 3 हज़ार से ज़्यादा तबादलों पर आक्रामक हुई कांग्रेस, कहा गिनीज़ बुक में दर्ज हो शिवराज सरकार का नाम
Photo Courtesy: New Indian Express

भोपाल। शिवराज सरकार द्वारा अधिकारियों के धड़ल्ले से किए जा रहे ट्रांसफर पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने बीजेपी सरकार पर निशाने साधते हुए कहा है कि शिवराज सरकार में प्रदेश तबादला उद्योग में भी शीर्ष पर पहुंच गया है।

गिनीज़ बुक में दर्ज हो शिवराज सरकार का नाम: सलूजा 

नरेंद्र सलूजा ने लगातार एक के बाद एक अधिकारियों के ट्रांसफर पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि शिवराज सरकार का नाम तो गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए। सलूजा ने ट्वीट किया है, 'शिवराज सरकार ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया।शिवराज सरकार का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्डस में दर्ज हो। सलूजा ने कहा, कोरोना महामारी में भी सरकार ने मात्र 303 दिन में 3 हज़ार से अधिक तबादले कर डाले? शिवराज सरकार में प्रदेश तबादला उद्योग में भी शीर्ष पर।' 

दरअसल जब से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद शिवराज सरकार सत्ता में आई है विभिन्न विभागों में अधिकारियों के धड़ल्ले से तबादले हो रहे हैं। कुल 303 दिनों की अवधि में ही अब तक 3 हज़ार से ज़्यादा अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। शिवराज सरकार के इस कार्यकाल में कुल 169 आदेशों के माध्यम से 187 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं। वहीं आईपीएस कैडर के भी कुल 160 अफसर स्थानांतरित हो चुके हैं।शिवराज सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही करीब 90 फीसदी एसपी कलेक्टर के तबादले हो चुके हैं।बुधवार को ही राज्य सरकार ने 8 अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। संदीप यादव को उज्जैन संभाग का कमिश्नर बनाया गया है। जबकि नरेशपाल कुमार को सहकारिता आयुक्त बनाया गया है। पहले डॉ एमके अग्रवाल सहकारिता आयुक्त थे।

ग्रामीण विभाग में सबसे ज़्यादा 500 तबादले 

शिवराज सरकार द्वारा 303 दिनों की अवधि में 3 हज़ार से ज़्यादा किए गए तबादलों में सबसे ज़्यादा पंचायत एवं ग्रामीण विभाग में 500 तबादले किए गए हैं। इसके बाद नगरीय विकास, पुलिस विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग में 400-400 तबादले हुए हैं। सबसे कम 50 तबादले परिवहन विभाग में हुए हैं। 

अभी भी कई तबादले पेंडिंग में 

निकट भविष्य में भी तबादलों की रफ्तार कम होने के आसार नहीं हैं। राज्य सेवा के सैकड़ों अधिकारियों को तबादला इस बीच किया गया है। लेकिन बावजूद इसके अभी भी तबादलों के करीब दस हजार आवेदन पेंडिंग हैं। अकेले स्कूल शिक्षा विभाग में तीन हजार जबकि स्वास्थ्य विभाग में चार हजार तबादले पेंडिंग हैं। एक अनुमान के मुताबिक अप्रैल तक पेंडिंग तबादलों की संख्या 50 हज़ार हो जाएगी। लिहाज़ा आने वाले समय में और तबादलों के आदेश निकलेंगे। इस बात की पूरी संभावना है।