सूने किले में सेंधमारी, 20 लाख की चोरी, सोने-चांदी के साथ साथ विलायती शराब पर भी डाका

बीमारी का इलाज करवाने गए उतरी के छोटे राजा प्रबल प्रताप सिंह और उनका परिवार का सूना घर बना चोरों का अड्डा, किले से सोने के गहने, चाँदी के बर्तन और विलायती शराब पर चोरों ने किया हाथ साफ,

Updated: Jun 03, 2021, 05:13 PM IST

सूने किले में सेंधमारी, 20 लाख की चोरी, सोने-चांदी के साथ साथ विलायती शराब पर भी डाका
Photo courtesy: Bhaskar

गुना। उमरी किले में करीब 20 लाख रुपए की चोरी का मामला सामने आया है। सूने किले की खिड़कियों की ग्रिल काटकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। चोरी गए सामान में कैश समेत सोने-चांदी के गहने और चांदी के बर्तन और कैश भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले तो जेवरात पर हाथ साफ किया, फिर चांदी के 10 थाल और चांदी के लोटे चुराए। महल में रखी विलायती शराब की बोतलें पर भी हाथ साफ कर दिया है। शातिर चोर आलमारी में रखी इम्पोर्टेड शराब भी अपने साथ ले गए। मामले की शिकायत 22 मई को थाने में की गई।

 दरअसल उमरी किले के छोटे राजा राजा प्रबल प्रताप सिंह और उनकी पत्नी बीमार थे, जिसकी वजह से उनका इलाज इंदौर में चल रहा था। उनका परिवार 16-21 मई तक किले में नहीं था। जब राजा प्रबल प्रताप के परिजन 22 मई को उमरी किला पहुंचे तो मामले की जानकारी उन्हें लगी। जिसके बाद उन्होंने चोरी की शिकायत थाने में दर्ज करवाई।

मई में उमरी के छोटे राजा प्रबल प्रताप सिंह का स्वास्थ्य खराब हुआ था। तब उनके बच्चे उन्हें इलाज के लिए इंदौर ले गए थे। जबकि छोटे राजा प्रबल प्रताप सिंह की रानी कोरोना संक्रमित होने की वजह से पहले से ही इंदौर में थीं। बताया जा रहा है कि उस दौरान किले में केवल सुरक्षा में लगे कर्मचारी और नौकर ही मौजूद थे। जब 22 मई को छोटे राजा प्रबल प्रताप सिंह का परिवार किले में लौटा तब उन्हें आलमारियों का ताला टूटा हुआ मिला।

चोरों ने केवल उन्हीं आलमारियों का ताला तोड़ा था जिसमे सामान रखा हुआ था। पुलिस को शक है कि आरोपी महल के भीतर का ही कोई कर्मचारी हो सकता है। पुलिस किले के कर्मचारियों की कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हैं।

पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हाईप्रोफाइल मामले के आरोपी का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस इस हाईप्रोफाइल केस की बारीकी से जांच कर रही है। उमरी किले के राजा शिवप्रताप सिंह गुना के विधायक और दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके परिवारे की नजदीकियां सिंधिया घराने से भी रही हैं। वहीं राजा शिवप्रताप की पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री मधुसूदनगढ़ घराने की राजकुमारी थीं। शिवप्रताप सिंह की सिंधिया और दिग्विजय के करीबी रहे हैं।