इंदौर में गरबा कार्यक्रम में हंगामा, VHP और बजरंग दल ने गैर हिंदूओं की एंट्री पर जताया विरोध

इंदौर के ऑक्सफोर्ड कॉलेज में 800 लोगों की परमीशन लेकर हजारों लोगों को दी गई थी एंट्री, गरबा आयोजक पर प्रशासन के आदेश की अनदेखी का आरोप, संचालक समेत 5 लोगों के लिखाफ केस दर्ज, गैर हिंदुओं पर लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप

Updated: Oct 11, 2021, 04:35 PM IST

इंदौर में गरबा कार्यक्रम में हंगामा, VHP और बजरंग दल ने गैर हिंदूओं की एंट्री पर जताया विरोध
Photo Courtesy: Free press journal

इंदौर। शहर के ऑक्सफोर्ड कॉलेज कैंपस में आयोजित गरबा कार्यक्रम में हंगामा हो गया। यहां कॉलेज के संचालक पर गैर हिंदुओं को प्रवेश देने का आरोप लगा है। गरबा आयोजन के दौरान विश्व हिंदू परिषद औऱ बजरंग दल ने आपत्ति जताते हुए जमकर हंगामा किया। हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि गरबा जैसे धार्मिक आयोजन में गैर हिंदुओं की एंट्री लव जिहाद को बढ़ावा देना है। 

ऑक्सफोर्ड कॉलेज संचालक पर परमीशन से ज्यादा लोगों को एंट्री देने और सरकारी आदेश की अवहेलना का आऱोप है। उन्होंने 800 लोगों की परमीशन लेकर हजारों लोगों को एंट्री दी। वहीं गरबे के पास चार गुना ज्यादा रेट्स पर बेचे गए। जिसके लिए कई लोगों से 150 की जगह 600 रुपए वसूले गए। हिंदू संगठन का आऱोप है कि गरबा संचालक ने प्रशासन को धोखा देकर कम लोगों की परमीशन ली और हजारों लोगों की भीड़ जुटा ली।  

दरअसल कोरोना काल में पहली बार गरबा आयोजन को लेकर लोगों में गजब का उत्साह था। जिसकी वजह से गरबे में भारी भीड़ उमड पड़ी थी। वहीं कार्यक्रम गैर हिंदू युवकों की एंट्री पर भी बजरंग दल और VHP ने विरोध प्रदर्शन किया।

विश्व हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस वहां पहुंची और कार्यक्रम को रुकवा दिया। पुलिस ने आक्सफोर्ड कालेज संचालक समेत 5 लोगों पर कार्रवाई की है। कॉलेज संचालक पर धर्मविरोधी गतिविधि का आरोप लगा है। उसके खिलाफ IPC की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया गया है। क्षमता से ज्यादा लोगों की एंट्री के आदेश की अवमानना का आरोप है।

रअसल विश्व हिंदू परिषद ने दुर्गा उत्सव के कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगा रखी है। जिसके लिए हिंदू परिषद धर्म प्रसार विभाग ने कई जिलों में पोस्टर-बैनर भी चस्पा करवाएं हैं। गरबा आयोजन में इस तरह की रोक को लेकर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। लोगों का कहना है कि गंगा जमुनी तहजीब वाले देश में किसी कार्यक्रम में लोगों की जाति के आधार पर एंट्री देना ठीक नहीं है। वहीं कार्यक्रम को बीच में रोक देने से युवाओं में रोष नजर आय़ा ।