UPSC में चयनित उम्मीदवारों का मिंटो हॉल में होगा सम्मान, कॉलेज और बारहवीं के छात्रों से करेंगे संवाद

यूपीएससी में इस मर्तबा मध्य प्रदेश के 37 उम्मीदवार चयनित हुए हैं, यह आंकड़ा मध्य प्रदेश के लिए एक रिकॉर्ड आंकड़ा है

Updated: Oct 12, 2021, 08:36 AM IST

UPSC में चयनित उम्मीदवारों का मिंटो हॉल में होगा सम्मान, कॉलेज और बारहवीं के छात्रों से करेंगे संवाद
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भोपाल। यूपीएससी परीक्षा में सफल होने वाले मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों का सम्मान किया जाएगा। यूपीएससी अभ्यर्थियों का यह सम्मान राजधानी के मिंटो हॉल में किया जाएगा। इस दौरान यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार प्रदेश के बारहवीं और कॉलेज के छात्रों से भी संवाद करेंगे। 

चयनित उम्मीदवारों और छात्रों के बीच यह संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा। ऑनलाइन माध्यम के जरिए होने वाले इस संवाद में चयनित उम्मीदवार छात्रों को यूपीएससी के लिए प्रेरित करने के साथ साथ उनका मार्गदर्शन भी करेंगे। इसके साथ ही वे छात्रों को यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के टिप्स भी देंगे। चयनित उम्मीदवार अपने अनुभवों को भी छात्रों के साथ साझा करेंगे। जिससे प्रदेश के छात्रों को मार्गदर्शन मिलेगा। 

इस कार्यक्रम को लेकर सीएम शिवराज ने सोमवार शाम को अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने बैठक के दौरान कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया। मिंटो हॉल में इस कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को दोपहर बारह बजे किया जाना है। 

कार्यक्रम के आयोजन की समीक्षा के साथ साथ सीएम ने कहा है कि राज्य सरकार यूपीएससी में प्रदेश के छात्रों के चयन का आंकड़ा बढ़ाने के लिए प्रयास करेगी। सीएम ने कहा है कि छात्रों को यूपीएससी के लिए जरूरी हर जरूरी सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार भरपूर प्रयास करेगी। ताकि प्रदेश से ज्यादा से ज्यादा छात्र यूपीएससी में सफलता प्राप्त कर सकें। 

दरअसल इस मर्तबा यूपीएससी की परीक्षाओं में प्रदेश के 37 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है। इससे पहले एक बार में इतनी संख्या में प्रदेश के छात्रों ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त नहीं की थी। हर साल औसतन प्रदेश के 14-15 अभ्यर्थियों को ही यूपीएससी में सफलता मिला करती थी। लेकिन इस बार इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी में छात्रों की सफलता ने भविष्य के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं। 

यूपीएससी में चयनित होने वाले छात्रों में से 10 अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। जबकि पांच दलित अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं आठ आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्ग या ईडब्ल्यूएस कोटे के हैं।