JAYS का DNA कांग्रेसी, जहां जीतने के स्थिति में होंगे वहां उन्हें टिकट दिया जाएगा: कमलनाथ

भोपाल में जयस के सम्मेलन में हीरा अलावा ने 47 आदिवासी सीटों पर दावा किया था, इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कमलनाथ ने कहा कि जयस के आपस में पांच ग्रुप हैं। ये भी ध्यान रखना चाहिए।

Updated: Sep 11, 2022, 04:00 PM IST

JAYS का DNA कांग्रेसी, जहां जीतने के स्थिति में होंगे वहां उन्हें टिकट दिया जाएगा: कमलनाथ

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्ताधारी दल बीजेपी आदिवासी समुदाय को वोटर्स को साधने का हरसंभव प्रयास कर रही है। हालांकि, अधिकांश आदिवासी बाहुल्य जिलों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। कांग्रेस की मजबूती का एक फैक्टर जयस को भी माना जाता है। इस बार जयस ने 47 सीटों पर दावेदारी कर दी है। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि जहां वे जीतने की स्थिति में होंगे, वहां जयस के नौजवानों को टिकट दिया जाएगा।

कमलनाथ रविवार को राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित सिंधी समाज कल्याण समिति के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि, 'जयस वाले अभी मुझसे मिले थे। उनका चार-पांच जिलों में अच्छा संगठन है। हम उनसे चर्चा कर रहे हैं। जयस में काफी उत्साही नौजवान हैं। जहां भी जयस चुनाव जीतने की स्थिति में होगी, कांग्रेस उन्हें वहां से टिकट देगी।'

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कमलनाथ ने आगे कहा कि, 'जयस का डीएनए कांग्रेस का है। वो तो खुद कहते हैं कि हमें बीजेपी को जीतने नहीं देना है, पर हमारे साथ न्याय हो। मैं उनकी बात से सहमत हूं। जयस में भील, कोरकू, भिलाला, गौंड, कोल आदिवासी समाज के लोग जुडे हैं। जयस के नौजवान जहां जीत सकते हैं, वहां हम उन्हें टिकट देंगे।' जयस के प्रदेश की 47 आदिवासी सीटों समेत 74 सीटों पर दावेदारी को लेकर कमलनाथ ने कहा कि ये सब बाद की बातें हैं। जयस के आपस में पांच ग्रुप हैं। ये भी ध्यान रखना चाहिए।

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते जयस राष्ट्रीय संरक्षक हीरा लाल अलावा ने 47 सीटों पर दावेदारी की है। भोपाल में जयस के सम्मेलन में हीरा अलावा ने कहा कि वे प्रदेश में जयस के दो करोड आदिवासियों का स्वतंत्र नेतृत्व खड़ा कर उनकी आवाज विधानसभा और लोकसभा में पहुंचाना चाहते हैं। हमें आदिवासियों को हक और अधिकार देने के लिए पूरे 47 विधायक चाहिए। जिन सीटों पर 50 हजार से एक लाख आदिवासी वोटर्स हैं उन सीटों पर भी आदिवासी विधायक जिताएंगे।