गहलोत के करीबियों को कारण बताओ नोटिस, 10 दिनों में देना होगा जवाब

कांग्रेस ने मंत्री शांति धारीवाल एवं महेश जोशी तथा राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

Updated: Sep 28, 2022, 11:39 AM IST

गहलोत के करीबियों को कारण बताओ नोटिस, 10 दिनों में देना होगा जवाब

नई दिल्ली। कांग्रेस की राजस्थान इकाई में पैदा हुए संकट के बीच पार्टी हाईकमान ने सख्त फैसला लिया है। कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने मंगलवार को राजस्थान के मंत्रियों शांति धारीवाल और महेश जोशी तथा विधायक धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी बीच खबर आई है कि आज गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस की समिति ने राजस्थान के तीनों नेताओं को 10 दिन के भीतर यह जवाब देने के लिए कहा है कि गंभीर अनुशासनहीनता के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इसको लेकर यह माना जा रहा है कि उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है। ऐसे में गहलोत के अभी CM बने रहने के आसार नजर आ रहे हैं। साथ ही गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नॉमिनेशन पर सस्पेंस बना हुआ है।

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राजस्‍थान विधानसभा में कांग्रेस के मुख्‍य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि वह पार्टी की ओर से जारी ‘कारण बताओ नोट‍िस’ का संतोषजनक जवाब देंगे। उन्‍होंने साथ ही कहा कि उन्हें पार्टी का नोट‍िस अभी नहीं म‍िला है। जोशी ने पार्टी द्वारा नोट‍िस जारी क‍िए जाने के बारे में सवाल किए जाने पर यहां कहा, ‘नोट‍िस मेरे हाथ में अभी आया नहीं है। मैंने भी सुना है कि नोट‍िस जारी हुआ है। आश्‍चर्य की बात है कि नोटिस मुझे मिला नहीं है और यह मीडिया को मिल गया है, लेकिन चलो कोई बात नहीं। हम सत्य और न्याय के ल‍िए पहले भी लड़े हैं, आगे भी लड़ेंगे। पार्टी के हित में जो भी ठीक समझेंगे, वह करेंगे।’

इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के एक बयान पर पलटवार करते हुए सरकार के मुख्‍य सचेतक महेश जोशी ने मंगलवार को कहा था कि 'हम पार्टी के निष्ठावान लोग हैं और अगर हम वफादार नहीं होते तो राज्य की कांग्रेस सरकार कब की गिर गई होती।' इसके साथ ही जोशी ने कहा कि वफादारी तो उन लोगों को साबित करनी है जिन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।