टैगोर से ऊपर अमित शाह की तस्वीर क्यों, गृह मंत्री के स्वागत में लगे पोस्टर पर विवाद

तृणमूल कांग्रेस ने शांति निकेतन में अमित शाह के स्वागत में लगे पोस्टर को बताया गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर का अपमान, विवाद बढ़ने पर बीजेपी इसे बता रही है टीएमसी की साज़िश

Updated: Dec 19, 2020, 06:07 PM IST

टैगोर से ऊपर अमित शाह की तस्वीर क्यों, गृह मंत्री के स्वागत में लगे पोस्टर पर विवाद
Photo Courtesy: Jansatta

कोलकाता। गृहमंत्री अमित शाह की यात्रा के दौरान शांति निकेतन में लगे एक पोस्टर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वभारत विश्वविद्यालय के गेट पर लगे इस पोस्टर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर से ऊपर अमित शाह की तस्वीर छापी गई है। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इसे टैगोर का अपमान बताया है। दूसरी तरफ बंगाल भाजपा ने इसे तृणमूल की ही साजिश करार दिया है। 

पश्चिम बंगाल के लोग कभी माफ नहीं करेंगे : टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस ने पोस्टर में रवींद्र नाथ टैगोर के ऊपर अमित शाह की तस्वीर छापने को गुरुदेव का अपमान बताया है। टीएमसी ने ट्वीट किया है, 'गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का फिर से अपमान करने का दुस्साहस कैसे हुआ? अमित शाह जी और बंगाल भाजपा, अपनी सीमा में रहिए। ये बेहद शर्म की बात है। आप खुद को गुरुदेव से भी ऊपर रख रहे हैं। बंगाल के लोग इसके लिए कभी माफ नहीं करेंगे।

यह टीएमसी की साज़िश है : बीजेपी 

पोस्टर विवाद में घिरने के बाद बीजेपी नेता इसका ठीकरा तृणमूल कांग्रेस पर फोड़ने की कोशिश रहे हैं। बीजेपी नेता अनुपम हाजरा ने कहा-'मैं इस समय बोलपुर में नहीं हूं। किन लोगों ने यह काम किया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। जहां तक मेरा अनुमान है, यह तृणमूल की पूर्व नियोजित साजिश हो सकती है। मैं बोलपुर जाकर इस मसले पर आगे कदम उठाऊंगा। मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक पोस्टर पर बोलपुर शांति निकेतन संस्कृति विकास समिति का नाम छपा है। 

तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर बंगाल की संस्कृति को नहीं समझने और बंगालियों का भावना का अपमान करने का आरोप लगाती आ रही है। पिछले साल कोलकाता में अमित शाह के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल की महान विभूति ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़े जाने की घटना हुई थी। उस मामले ने भी काफी तूल पकड़ा था। तृणमूल ने घटना के पीछे भाजपा का हाथ बताया था। इस बार अमित शाह के स्वागत में लगे पोस्टर में टैगोर का अपमान किए जाने का मसला भी पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी मुद्दा बन सकता है।