इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता का धरना, राहुल और प्रियंका भी साथ जाकर बैठे
अंकिता के परिजन दुष्यंत गौतम को गवर्नर बनाए जाने के खिलाफ धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि इस हत्याकांड में जिस वीआईपी का नाम सामने आया था, वह दुष्यंत गौतम ही हैं।
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की पीड़िता के माता-पिता बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। देर शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार को समर्थन देने इंडिया गेट पहुंच गए हैं और उनके साथ धरने पर बैठ गए हैं।
राहुल और प्रियंका दोनों अंकिता के शोकाकुल परिवार को अपना समर्थन देने और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने अचानक इंडिया गेट पहुंचे हैं। इस दौरान प्रियंका गांधी ने दिवंगत अंकिता की मां को सांत्वना दी और उनकी लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया।
दरअसल, दिवंगत अंकिता भंडारी का परिवार बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का कड़ा विरोध कर रहा है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी का आरोप है कि इस हत्याकांड में जिस 'वीआईपी' का नाम सामने आया था, वह दुष्यंत गौतम ही हैं। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार को जेल में होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग किया कि जब तक मामले की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को रद्द किया जाए।
अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि 12 अक्टूबर को जब हमने यह खबर सुनी कि बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अब गवर्नर बना दिया गया है, तो हमें बहुत दुख हुआ। मैं माननीय राष्ट्रपति से अपील करती हूं, जो खुद एक महिला हैं और मेरी भावनाओं को ज़रूर समझेंगी, कि जब तक उनके खिलाफ सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस व्यक्ति को गवर्नर बनाने के कदम को रोक दें।
बता दें कि ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उसका शव चीला नहर से बरामद किया गया था। घटना के फौरन बाद पुलिस ने आनन-फानन में रिजॉर्ट को बुलडोजर से ढहा दिया था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामले ने पिछले साल दिसंबर में उस समय एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। इसके बाद हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल उठे।
कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में अंकिता के माता-पिता ने भी हिस्सा लिया। बढ़ते विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस साल जनवरी में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी और बाद में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अंकिता के परिजनों का आरोप है कि जिस VIP को सर्विस देने से इनकार करने पर अंकिता की हत्या हुई, वह दुष्यंत गौतम ही हैं।




