आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख, 3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का है अनुभव
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली।
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली जो करीब 42-43 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। नए वायुसेना प्रमुख दीक्षित को लड़ाकू विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव है। वह मिराज 2000, मिग सीरीज, जगुआर और तेजस समेत 20 से अधिक प्रकार के विमानों में 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर सहित कई सैन्य अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही है।
पदभार संभालने से पहले निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह को रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वायुसेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें विदाई सलामी दी।
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9 दिसंबर 1966 को जन्मे एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। लगभग चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में सेवाएं दी हैं। रणनीतिक योजना और सैन्य अभियानों की तैयारी में उनकी विशेषज्ञता को महत्वपूर्ण माना जाता है। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वह उप वायुसेना प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ) के पद पर कार्यरत थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने कमान, प्रशिक्षण और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई थी।
एयर चीफ मार्शल दीक्षित के पास 3,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने मिराज 2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, किरण, जगुआर, आईएल 78, हॉक और तेजस सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है। उन्हें एक अनुभवी फाइटर पायलट के साथ साथ सैन्य रणनीति और परिचालन योजना का जानकार अधिकारी माना जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है।
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शीर्ष पद तक पहुंचने से पहले दीक्षित ने भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थी। इनमें चीफ ऑफ डिफेंस इंटीग्रेटेड स्टाफ, सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, एयर डिफेंस कमांडर और सदर्न एयर कमांड में विभिन्न जिम्मेदारियां शामिल हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। साल 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।




