भोपाल में 24 पेड़ काटने की अनुमति पर विवाद, बाघ विचरण क्षेत्र में टॉवर लगाने का विरोध

भोपाल के कलियासोत डैम और चंदनपुरा बाघ विचरण क्षेत्र में बिजली टॉवर लगाने के लिए 24 पेड़ों की कटाई पर विवाद खड़ा हो गया है।

Updated: Oct 31, 2026, 02:44 PM IST

भोपाल। राजधानी भोपाल के कलियासोत डैम के आसपास बिजली के टॉवर लगाने के लिए 24 पेड़ों की कटाई की अनुमति दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम की उद्यान शाखा ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को यह अनुमति दी है। हालांकि, पर्यावरणविदों ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति पत्र में कार्यस्थल का गलत पता दर्ज किया गया है। जिस जगह टॉवर लगाए जा रहे हैं वह चंदनपुरा का संवेदनशील बाघ विचरण क्षेत्र है। पर्यावरणविदों ने निगम प्रशासन से अनुमति तत्काल रद्द करने की मांग की है।

पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक, बिजली टॉवर निर्माण का काम चंदनपुरा बाघ भ्रमण क्षेत्र में 13 शटर के पास चल रहा है। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर से पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य से संबंधित अनुमति पत्र मांगा था। इंजीनियर की ओर से दिखाए गए दस्तावेज में कार्यस्थल का पता चंदनपुरा के बजाय खुशीलाल अस्पताल के पीछे एवं कलियासोत बांध का डूब क्षेत्र दर्ज था।

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नूर का आरोप है कि अनुमति में स्थान का वास्तविक विवरण छिपाकर दूसरे क्षेत्र का पता दर्ज किया गया है। जिस इलाके में पेड़ काटे जा रहे हैं वहां घना वन क्षेत्र मौजूद है और यह वन्यजीवों विशेषकर बाघों की आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

राशिद नूर ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी वन विभाग की ओर से निर्माण गतिविधियों और पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जा चुकी है। ऐसे में बाघों के विचरण वाले इलाके में बिजली के टॉवर लगाने के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति देना पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के नियमों पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेताया कि इस तरह की गतिविधियों से प्राकृतिक वन क्षेत्र, जल स्रोतों और वन्यजीवों के आवास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दी गई अनुमति को उन्होंने पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर मामला बताया है।

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मामले को लेकर राशिद नूर ने नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को शिकायत करते हुए अनुमति निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब निर्माण स्थल बाघ भ्रमण क्षेत्र में आता है तो उसके लिए किसी दूसरे स्थान का पता दर्ज कर पेड़ों की कटाई की मंजूरी देना संदेह पैदा करता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर पेड़ों की कटाई और टॉवर निर्माण की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।