MP राज्यसभा उपचुनाव: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दाखिल किया नामांकन, कांग्रेस के कई नेता हिरासत में

मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को भोपाल में नामांकन दाखिल किया। बहुमत के चलते पुरी का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।

Updated: Oct 31, 2026, 12:35 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर शनिवार को भोपाल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। मुरुगन ने 14 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।

शनिवार को विधानसभा भवन में नामांकन के दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। नामांकन से पहले पुरी ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और करुणा धाम आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद भी लिया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को उन्हें मध्य प्रदेश से प्रत्याशी घोषित किया था। बता दें कि यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन द्वारा 13 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है।

नामांकन प्रक्रिया की तैयारियों के तहत शुक्रवार को ही राज्य सरकार की मंत्री कृष्णा गौर ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के लिए प्रस्तावक के रूप में भाजपा प्रदेश कार्यालय में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्य परिस्थितियों में 116 मतों के कोटे की आवश्यकता होती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले पाने के कारण अब 229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित तय होगा।

उधर, हरदीप सिंह पुरी के नामांकन का विरोध करने की कांग्रेस की योजना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सुबह से ही सतर्क नजर आया। भोपाल में प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस ने कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। अभिषेक परमार (युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष) और अंकित दुबे (जिला अध्यक्ष) को हबीबगंज थाने ले जाया गया। वहीं, मोहित सक्सेना को अयोध्या नगर थाने में बैठाया गया। जबकि अमित खत्री को ऐशबाग थाने ले जाया गया।