GST : उधार लेकर राज्यों को जीएसटी मुआवजा नहीं देगी मोदी सरकार

GST Compensation: केंद्र सरकार का मानना है कि राज्यों के पास पर्याप्त विकल्प हैं, राज्य सरकारों ने अपने खजाने सूख जाने की बात कही

Updated: Sep 08, 2020 02:53 PM IST

GST : उधार लेकर राज्यों को जीएसटी मुआवजा नहीं देगी मोदी सरकार
Photo Courtesy: Wikipedia

नई दिल्ली। राज्यों और केंद्र सरकार में जीएसटी मुआवजे को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार उधार नहीं लेने वाली है। राज्यों ने मांग की थी कि केंद्र सरकार खुद उधार लेकर उनका जीएसटी मुआवजा चुकाए। केंद्र सरकार का तो यह मानना है कि राज्य सरकारों के पास अभी तमाम विकल्प मौजूद हैं, जिनका प्रयोग उन्होंने नहीं किया है। 

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार की ही तरह राज्य सरकारों के पास भी आगामी तिमाहियों में खर्च के लिए पर्याप्त स्रोत हैं, ऐसे में वे पैसे की कमी की शिकायत नहीं कर सकते। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारें अभी तक अपनी जीएसडीपी का 2.75 प्रतिशत तक कर्ज ले चुके हैं, जबकि वे 3 प्रतिशत तक कर्ज ले सकते हैं। 

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वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकारों ने इन बात को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि राज्य सरकारों के पास अतिरिक्त फंड नहीं है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कुछ जिम्मेदारी भरे खर्च करने ही हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह, पेंशन और ब्याज चुकता करना शामिल है। दूसरी तरफ उनके राजस्व संग्रह में भारी गिरावट आई है। 

उदाहरण के तौर पर केरल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार को तनख्वाह, पेंशन इत्यादि पर 56.4 प्रतिशत खर्च करना है। दूसरी तरफ पर्यटन जैसे क्षेत्र, जो राज्य की आमदनी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, कोविड 19 की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राज्य सरकार का खजाना लगभग खाली है। 

मध्य प्रदेश, कर्नाटक और बिहार जैसे बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। इन राज्यों में राज्य सरकारों को क्रमश: 27.6, 31.7 और 24.4 प्रतिशत जिम्मेदार खर्च करना है। हालांकि, केरल और बंगाल के मुकाबले इनकी स्थिति बेहतर है। बंगाल सरकार को 39.7 प्रतिशत खर्च सैलरी, पेंशन इत्यादि पर करना है। 

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केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 292 के अनुसार केंद्र सरकार अपने करों की गारंटी पर उधार ले सकती है लेकिन राज्य के करों के आधार पर नहीं। ऐसे में राज्य सरकारों को जीएसटी मुआवजा पूर्ति के लिए खुद उधार लेना पड़ेगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने माना है कि राज्य सरकारें जीएसटी मुआवजे की पूर्ण हकदार हैं और अभी यह आकलन किया जा रहा है कि इसमें से कितनी भरपाई उधार लेकर हो सकती है। 

केंद्र सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी मुआवजे में 2.35 लाख करोड़ की कमी का अनुमान है। इसमें से 97,000 करोड़ जीएसटी लागू करने से जुड़ा है और बाकी का 1.38 लाख करोड़ कोविड 19 के कारण है। पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने इसकी भरपाई को लिए राज्य सरकारों को दो विकल्प दिए थे। 

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पहले विकल्प के तौर पर राज्य सरकारें 97 हजार करोड़ का कर्ज ले सकते हैं और यह उन्हें बाद में पूरा चुकाया जाएगा। साथ ही इसे राज्यों द्वारा लिया गया कर्ज भी नहीं माना जाएगा। दूसरे विकल्प के तौर पर राज्य सरकारें पूरे 2.35 लाख करोड़ का कर्ज ले सकती हैं। लेकिन ऐसे में उन्हें ब्याज चुकाना होगा। गैर-बीजेपी शासित राज्य इन दोनों विकल्पों पर अपना विरोध जता चुके हैं।