व्हॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर लगे रोक, केंद्र सरकार की दिल्ली हाईकोर्ट से माँग

दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि व्हॉट्सऐप को अपनी नई गोपनीयता नीति को लागू करने से रोकना चाहिए

Updated: Mar 19, 2021, 05:08 PM IST

व्हॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर लगे रोक, केंद्र सरकार की दिल्ली हाईकोर्ट से माँग
Photo Courtesy : EMDC

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हॉट्सऐप को नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू करने से रोका जाए। सरकार ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि इंटरनेट यूजर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाना आवश्यक है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह बात वॉट्सऐप की नई गोपनीयता नीति को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में कही है। 

सरकार ने कहा है कि डेटा संरक्षण और गोपनीयता पर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए उसने व्हॉट्सऐप जैसी बड़ी संस्थाओं की ताकत को सीमित करने के लिए डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 तैयार किया है। केंद्र ने हाईकोर्ट से वॉट्सऐप को नई नीति को लागू करने का आग्रह ऐसे समय पर किया है जब व्हॉट्सऐप पिछले हफ्ते से एक बार फिर भारतीय ग्राहकों को नोटिफिकेशन भेजकर अपने नए अपडेट्स के बारे में जानकारी देने और उसे एक्सेप्ट कराने का प्रयास कर रहा है।

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इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर व्हॉट्सऐप की नई पॉलिसी से किसी की निजता का हनन हो रहा है, तो इसका सबसे आसान तरीका यह है कि वह व्हॉट्सऐप को डिलीट कर दे। इसी के साथ कोर्ट ने यह भी कहा कि लोग चाहें तो ऐसी किसी दूसरे एप्लिकेशन को इस्तेमाल करें, जिसके इस्तेमाल से निजता का हनन नहीं हो रहा हो। हालांकि अब केंद्र की अपील के बाद माना जा रहा है कि उच्च न्यायालय इसपर कोई फैसला ले सकता है।

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व्हॉट्सऐप को अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी के चलते दुनियाभर में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों यूजर्स वॉट्सऐप छोड़कर दूसरे प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट भी हो गए हैं। भारी विरोध के चलते वॉट्सऐप को नई पॉलिसी लागू करने का फैसला 15 मई तक के लिए टालना पड़ा था। नई पॉलिसी के तहत व्हॉट्सऐप ने अपनी मूल कंपनी फेसबुक के साथ डेटा शेयर करने की योजना बनाई है। लेकिन इसका बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है।

हालांकि, व्हॉट्सऐप अपनी तरफ से लगातार ये दावा कर रहा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड हैं, जिन्हें कोई भी देख नहीं सकता है। लेकिन साथ ही कंपनी इस बात पर अड़ी हुई है कि देर से ही सही, यूजर्स को उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार करनी ही होगी। जो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे, वो व्हॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।