अग्निपथ के खिलाफ कांग्रेस का जंतर मंतर पर सत्याग्रह शुरू, विवादित स्कीम को तत्काल वापस लेने की मांग

कांग्रेस ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दिल्ली में सत्याग्रह शुरू कर दिया है, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, सचिन पायलट, दीपेंद्र हुड्डा समेत तमाम दिग्गज मौजूद

Updated: Jun 19, 2022, 01:08 PM IST

अग्निपथ के खिलाफ कांग्रेस का जंतर मंतर पर सत्याग्रह शुरू, विवादित स्कीम को तत्काल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली। सेना की नई भर्ती स्कीम अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस विवादित स्कीम को तत्काल वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस ने इस योजना के खिलाफ दिल्ली में जंतर मंतर पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने एक बार फिर ट्वीट कर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'बार-बार नौकरी की झूठी उम्मीद दे कर, प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को बेरोज़गारी के ‘अग्निपथ’ पर चलने के लिए मजबूर किया है। 8 सालों में, 16 करोड़ नौकरियां देनी थीं मगर युवाओं को मिला सिर्फ़ पकोड़े तलने का ज्ञान।देश की इस हालत के ज़िम्मेदार केवल प्रधानमंत्री हैं।'

जंतर मंतर पर अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस की इस इस सत्याग्रह में पार्टी के कई बड़े नेता आंदोलन में भाग ले रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, सचिन पायलट, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत, अजय माकन, दीपेंद्र हुड्डा समेत तमाम दिग्गज यहां तख्तियां लेकर बैठे हुए हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए आसपास के इलाकों में भारी संख्या ने अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसपर कांग्रेस ने ट्वीट किया है कि, 'जब अंग्रेज हुकूमत के बैरिकेड, पुलिस, लाठियां सत्याग्रह को नहीं रोक पाई थी, तो इस भाजपाई तानाशाह में क्या ही दम है कि वो देश के सत्याग्रह को रोक पाए।' कांग्रेस नेता इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

कांग्रेस ने यह सत्याग्रह तब शुरू किया है जब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का आज 53वां जन्मदिन है। हालांकि, उन्होंने पहले ही कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह का उत्सव न मनाएं। कांग्रेस मसाचिव जयराम रमेश ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा कि देश में उपजी परिस्थितियों को लेकर सभी चिंतित हैं। करोड़ों युवाओं का मन दुखी है। राहुल गांधी ने करोड़ों युवाओं की पीड़ा साझा करते हुए उनके साथ खड़ा होने का आह्वान किया है।