कोरोना का कहर: सूरत में 24 घंटे हो रहा अंतिम संस्कार, चिताओं की आग से चिमनियां पिघली

राज्य में पिछले 24 घंटे में 6 हज़ार से अधिक कोरोना के नए मामले आए, हालात हुए बेकाबू

Updated: Apr 13, 2021, 03:44 PM IST

कोरोना का कहर: सूरत में 24 घंटे हो रहा अंतिम संस्कार, चिताओं की आग से चिमनियां पिघली
Photo courtesy: bhaskar

गुजरात। गुजरात में कोरोना  कहर बरपा रहा है। सूरत के श्मसान घाटों में 24 घंटे शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। चिताओं की गर्मी से भट्ठियों की चिमनियां तक पिघल गई है। शहर के अश्वनी कुमार और रामनाथ घेला श्मशान घाट में रोजाना 100 से ज्यादा लाशों का दाह संस्कार किया जा रहा है।

सूरत में कोविड़ -19 का ख़तरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ताप्ती नदी पर बने कैलाश मोक्ष धाम को फ़िर से चालू कर दिया गया है। यह पिछले 14 सालों से बंद कर दिया गया था। पिछले तीन दिनों में 50 से अधिक शवों का दाह संस्कार किया जा चुका है।

कोरोना से मरने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। जिसके चलते  अब आस पास के शहरों में शव भेजे जाने लगे हैं। श्मसान में 3 से 4 दिन की वेटिंग चल रही है। श्मशान में बढ़ते वेटिंग के चलते कोरोना से मरने वालों का बारडोली श्मशान पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। अब तक यहाँ 11 शवों को जलाया जा चुका है।

सूरत में क़ब्रिस्तान पर दफनाने के लिए ज़गह कम पड़ गई है। सूरत शहर में रांदेर और रामपुरा में बनी  क़ब्रिस्तान पर कोरोना से मरने वालों को दफनाया जा रहा है। क़ब्रिस्तान की देखरेख करने वाले इब्राहिम बताते हैं कि सामान्य दिनों में 2 से 3 मैय्यत आती थी। लेक़िन कोरोना महामारी में एक दिन में 10 से 12 शव आ रहे हैं।  

गौरतलब है कि गुजरात में बीते 24 घंटे में 6,021 कोरोना संक्रमित हुए हैं। वहीं 2,854 लोग रिकवर हुए और 55 की मौत हो गई। अब तक यहां कुल 3.53 लाख लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3.17 लाख स्वास्थ्य होकर घर जा चुके हैं। जबकि 4855 मरीजों की मौत हो गई। 30,680 मरीज का अस्पताल में इलाज चल रहा है।