कृषि कानूनों को डेढ़ साल टालने के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकराया, कहा 147 किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा

केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को फिलहाल निलंबित रखने के प्रस्ताव पर विचार कर किसान संगठनों ने आज उसे अस्वीकार करने का फैसला लिया है

Updated: Jan 21, 2021, 10:00 PM IST

कृषि कानूनों को डेढ़ साल टालने के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकराया, कहा 147 किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा
Photo Courtesy: News18

नई दिल्ली। किसान संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को फिलहाल निलंबित रखने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। किसान संगठन के नेताओं ने आज साझा बैठक के दौरान सोच विचार के बाद यह फैसला लिया है। किसान नेताओं ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा है कि कनून वापसी के अलावा किसी भी शर्त को वह नहीं मानेंगे।

सयुंक्त किसान मोर्चा ने बैठक के बाद आज शाम बयान जारी कर कहा, 'आम सभा में सरकार द्वारा कल रखे गए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया है। तीनो केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने और सभी किसानों को उनके फसल की एमएसपी सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख मांगें हैं। हम अपनी मांगों को दोहराते हैं और केंद्र के प्रस्ताव को नामंजूर करते हैं।'

कल सरकार से होनी है 11वें दौर की वार्ता

किसान संगठनों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब कल यानी शुक्रवार को केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता होनी है। वार्ता के ठीक पहले किसान संगठनों ने केंद्र सरकार को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। कृषि कानूनों को रद्द करने के अलावा वह किसी अन्य प्रस्ताव को मंजूर नहीं करेंगे।