जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में भीषण मुठभेड़, सेना के 8 जवान हुए घायल

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सेना ने ऑपरेशन त्राशी-I के तहत आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ में 8 जवान घायल हुए।

Updated: Jan 19, 2026, 11:10 AM IST

किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए। यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सेना ने ऊपरी इलाकों के घने जंगलों में छिपे आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर ऑपरेशन त्राशी-I लॉन्च किया। फिलहाल इलाके में ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बलों ने घेराबंदी और मजबूत कर दी है।

पूरी घटना किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के सोनार इलाके की है। जानकारी के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो से तीन आतंकवादी इस इलाके में छिपे हुए हैं। इसी जानकारी के बाद रविवार 18 जनवरी की दोपहर जम्मू स्थित भारतीय सेना की वाइट नाइट कोर ने एंटी-टेरर ऑपरेशन की शुरुआत की थी।

जैसे-जैसे सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ा वैसे वैसे सुरक्षा बलों की एक टीम का सामना आतंकियों के एक छोटे ग्रुप से हो गया। खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में ग्रेनेड भी फेंके। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना के साथ-साथ CRPF और स्थानीय पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया ताकि इलाके की घेराबंदी पूरी तरह सील की जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, शाम करीब 5.40 बजे तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही थी। इस दौरान ग्रेनेड धमाकों में छर्रे लगने से आठ जवान घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से तीन जवानों को बेहतर उपचार के लिए उधमपुर स्थित कमांड अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है।

वाइट नाइट कोर ने ट्विटर पर जारी एक पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और आतंकियों को चारों ओर से दबाने के लिए अतिरिक्त बलों को शामिल किया गया है। सेना ने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में डटे रहकर आतंकियों का सामना कर रहे जवानों की सराहना भी की है।

ऑपरेशन को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इलाके में ड्रोन, एडवांस्ड सर्विलांस उपकरण और स्निफर डॉग्स तैनात किए गए हैं ताकि जंगलों में छिपे आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके और उनके भागने के सभी रास्तों को बंद किया जा सके।

यह इस साल जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले कठुआ जिले के बिलावर इलाके के कहोग और नजोत जंगलों में 7 जनवरी और 13 जनवरी को भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा अभियान तेज कर दिए गए हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर आतंकियों को सीमा पार से घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से सुरक्षा बल किसी भी खतरे को समय रहते नाकाम करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। ताकि गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।