बाड़ा हिंदूराव अस्पताल से शिफ़्ट होंगे कोविड मरीज़, डॉक्टरों की हड़ताल से दिल्ली सरकार ने लिया फ़ैसला

Bada Hindurao Hospital: नगर निगम के अस्पताल में चार महीने से नहीं मिला वेतन, कर्मचारियों ने प्रशासन को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

Updated: Oct 10, 2020 10:03 PM IST

बाड़ा हिंदूराव अस्पताल से शिफ़्ट होंगे कोविड मरीज़, डॉक्टरों की हड़ताल से दिल्ली सरकार ने लिया फ़ैसला
Photo Courtesy: ANI

दिल्लीः दिल्ली के बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल जारी रहने के कारण अब यहां भर्ती कोरोना के मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। ये जानकारी आज दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मीडिया को दी है। कोरोना महामारी से लड़ाई के बीच ऐसी नौबत इसलिए आ रही है, क्योंकि हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों को पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते वे पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते बुधवार को डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा भी कर दी थी। इससे पहले कोविड वार्ड से बाहर के सभी डॉक्टर्स अस्पताल के मुख्य गेट पर रोज़ाना प्रदर्शन कर रहे थे।

वेतन जैसे बुनियादी अधिकार के लिए संघर्ष करते-करते तंग आ चुके अस्पताल के कर्मचारियों ने अब प्रशासन को 48 घंटों का अल्टीमेटम दे दिया है। डॉक्टरों समेत सभी कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ये मांग अगर पूरी नहीं हुई तो वे कोविड वार्ड में भी अपनी सेवाए बंद कर देंगे। कर्मचारियों की इस चेतावनी की खबर मिलने पर दिल्ली सरकार के स्वाथ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने हिंदूराव अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किसी और अस्पताल में शिफ्ट करने का एलान कर दिया। 

जैन ने कहा कि हिंदूराव अस्पताल को डॉक्टरों को समय पर वेतन देना चाहिए था। कोरोना संक्रमण के इस कठिन दौर में जब स्वास्थकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नगर निगम वेतन नहीं दे सकता तो यह अस्पताल दिल्ली सरकार को सौंप दे। हम डॉक्टरों को समय पर वेतन उपलब्ध करा देंगे। जबकि उत्तरी दिल्ली के महापौर ने इस मामले में दिल्ली की केजरीवाल सरकार को दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि सरकार नगर निगम को पर्याप्त फंड नहीं दे रही है जिसकी वजह से स्वास्थकर्मियों को वेतन देने में परेशानी हो रही है।

दरअसल, हिंदूराव अस्पताल उत्तरी दिल्ली नगर निगम का है, जिस पर बीजेपी का कब्जा है। जबकि अस्पताल के लिए फंड दिल्ली की राज्य सरकार मुहैया कराती है, जो आम आदमी पार्टी की है। परस्पर विरोधी सियासी दलों के इसी दलदल में हिंदूराव अस्पताल के कर्मचारी और वहां भर्ती मरीज़ फंसे हुए हैं।  आपको बता दें कि 900 बेड वाला हिंदूराव अस्पताल दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है।