कुमारस्वामी को अब कांग्रेस बुरी और बीजेपी अच्छी लगने लगी, पहले कांग्रेस के बल पर बने थे सीएम

कुमारस्वामी अब कह रहे बीजेपी से दोस्ती रखते तो आज भी मुख्यमंत्री होते, पहले बीजेपी पर लगाते थे विधायकों को ख़रीदने के आरोप

Updated: Dec 06, 2020, 10:52 PM IST

कुमारस्वामी को अब कांग्रेस बुरी और बीजेपी अच्छी लगने लगी, पहले कांग्रेस के बल पर बने थे सीएम
Photo Courtesy : Tfipost.com

बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारस्वामी को अब अचानक कांग्रेस बुरी और बीजेपी अच्छी लगने लगी है। वजह है मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने का दर्द और सत्ता की रह-रहकर सताती याद। जो कुमारस्वामी कम सीटें होने के बावजूद कभी कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे और अपनी सरकार गिराने के लिए बीजेपी की खरीद-फरोख्त को दोष देते थे, वही अब कह रहे हैं कि उन्हें कांग्रेस ने बर्बाद कर दिया। कुमारस्वामी को अब यह भी लग रहा है कि अगर वे बीजेपी से यारी रखते तो आज तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने रहते। 

दरअसल कुमारस्वामी का ये कुर्सी प्रेम और मुख्यमंत्री की गद्दी छिन जाने का दर्द मैसूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छलक पड़ा। कुमारस्वामी ने कहा कि मैं अभी भी मुख्यमंत्री होता अगर बीजेपी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखता। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, मैंने 2006-07 में बतौर मुख्यमंत्री राज्य की जनता का भरोसा हासिल किया था और उसे अगले 12 साल तक बनाए भी रखा, लेकिन कांग्रेस से हाथ मिलाकर हमने उसे खो दिया। कुमारस्वामी ने कहा, '2018 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बाद, सिद्धारमैया और उनके गुट ने मेरी प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया। मैं उनके जाल में फंसता चला गया, क्योंकि मैं अपने पिता देवेगौड़ा के कारण गठबंधन के लिए सहमत था।' कुमारस्वामी ने कहा कि 2018 में मुख्यमंत्री बनने के सिर्फ एक महीने बाद उन्होंने आँसू क्यों बहाए थे? क्योंकि उन्हें पता था कि क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2008 में मेरा उतना नुकसान नहीं किया, जितना कांग्रेस ने 2018 में किया।'

दिलचस्प बात है कि ये वही एचडी कुमारस्वामी हैं जिन्होंने 2018 में बीजेपी पर अपने विधायकों को खरीदने के लिए सौ करोड़ रुपये और कैबिनेट मंत्री की पोस्ट का लालच देने का आरोप लगाया था। यही नहीं, उन्होंने बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके विधायकों को डरा-धमकाकर पाला बदलने के लिए मजबूर करने का संगीन आरोप भी लगाया था। उस वक्त जब कांग्रेस ने जेडीएस की कम सीटें होने के बावजूद बीजेपी को सत्ता से बाहर रखे के लिए कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया तो वे गदगद थे। तब वे बीजेपी को सत्ता से बाहर रखकर अपनी पार्टी के नाम जनता दल सेकुलर को सार्थक करने का दम भरते थे। लेकिन अब अचानक वे कुर्सी के लिए इस कदर बिलख रहे हैं कि अपनी ही कही तमाम बातें उन्हें याद नहीं रह गई हैं।  

झूठ बोलने में माहिर हैं कुमारस्वामी : सिद्धारमैया 
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने कुमारस्वामी के इस बयान पर करारा पलटवार किया है। सिद्धारमैया ने कहा है कि कुमारस्वामी झूठ बोलने में माहिर हैं। वह सत्ता की खातिर कोई भी झूठ बोल सकते हैं। सिद्धरमैया ने पलकर सवाल किया कि क्या जनता दल (एस) के पास महज 37 सीटें होने के बावजूद कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाना ही कांग्रेस की गलती थी?

बता दें कि कर्नाटक में अप्रैल - मई 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव परिणामों में किसी को बहुमत नहीं मिला था। लेकिन बीजेपी अकेली सबसे बड़ी पार्टी थी। इसी आधार पर चुनाव बाद बने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के दावे को दरकिनार करते हुए राज्यपाल ने बीजेपी नेता येदुरप्पा को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ भी दिला दी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बीजेपी बहुमत का जुगाड़ नहीं कर सकी।

बहुमत जुगाड़ने की बीजेपी की इस कोशिश के दौरान ही कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि येदुरप्पा जेडीएस के विधायकों को पाला बदलने के लिए सौ करोड़ रुपये और कैबिनेट मंत्री के पद का लालच दे रहे हैं। कोर्ट के दखल देने की वजह से बीजेपी को बहुमत के जुगाड़ के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल पाया। ऐसे में मजबूरन येदुरप्पा को दो दिन में ही सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद ही कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनी थी। दोनों दलों के बीच बनी सहमति के तहत जेडीएस की कम सीटें होने के बावजूद कांग्रेस ने एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद सौंप दिया था।

कांग्रेस और जेडीएस ने 2019 का लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा, लेकिन नतीजे अच्छे नहीं रहे। लोकसभा चुनावों में मोदी सरकार की वापसी के बाद बीजेपी ने कर्नाटक में सत्ता हथियाने की कोशिशें तेज़ कर दीं, जिसमें आखिरकार वो सफल रही। उस वक़्त कांग्रेस के साथ साथ कुमारस्वामी ने भी बीजेपी पर धनबल के इस्तेमाल से उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। वही कुमारस्वामी अब सत्ता के लालच में कांग्रेस पर तोहमत लगाकर बीजेपी को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।